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फरवरी की बदलती ठंड-गर्मी बनी खतरनाक! फ्लू के केस में 25% उछाल, डॉक्टरों ने जारी की गंभीर चेतावनी

Influenza virus: फरवरी के अंत में मौसम के अचानक बदलते मिजाज ने सेहत पर बड़ा असर डाला है। शहर के सरकारी अस्पतालों में फ्लू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इसे सामान्य जुकाम समझकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

👤 Ashwani Kumar 24 Feb 2026 12:05 PM

Chandigarh News: फरवरी के आखिरी दिनों में मौसम अजीब करवट ले रहा है। दोपहर में तेज धूप गर्मी का एहसास कराती है, जबकि सुबह और शाम अब भी ठंड बनी हुई है। इसी बदलाव के कारण वायरल इन्फ्लुएंजा यानी फ्लू के मामलों में तेजी देखी जा रही है। शहर के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में बुखार, खांसी और गले में दर्द की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

अस्पतालों में रोज बढ़ रहे मामले

सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल 32 में रोजाना 35 से 45 फ्लू के मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल 16 में भी प्रतिदिन 25 से 30 नए मामले सामने आ रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों में मरीजों की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम के उतार-चढ़ाव से वायरस तेजी से फैल रहा है।

फ्लू को हल्के में न लें

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, कई लोग फ्लू को सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो गंभीर गलती हो सकती है। इन्फ्लुएंजा वायरस नाक, गले और फेफड़ों पर एक साथ असर करता है। संक्रमण के दो दिन के भीतर ही तेज बुखार और अन्य गंभीर लक्षण सामने आ सकते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति बिगड़ सकती है।

फ्लू के प्रमुख लक्षण

  • ठंड लगने के साथ तेज बुखार
  • गले में दर्द और खराश
  • लगातार खांसी
  • सिर और शरीर में दर्द
  • नाक बहना या बंद होना
  • आंखों से पानी आना
  • स्वाद में कमी
  • पेट दर्द
  • ज्यादा थकान

यदि ये लक्षण दो-तीन दिन से ज्यादा बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

सांस के मरीजों के लिए ज्यादा खतरा

डॉक्टरों का कहना है कि जिन्हें पहले से दमा, सांस की तकलीफ या फेफड़ों की बीमारी है, उनके लिए फ्लू ज्यादा खतरनाक हो सकता है। ऐसे मरीजों में वायरस फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है और हालत बिगड़ सकती है। इसलिए किसी भी तरह के लक्षण दिखते ही देरी न करें और तुरंत जांच करवाएं।

मौसम बदल रहा है, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। नियमित हाथ धोना, भीड़भाड़ से बचना और जरूरत पड़ने पर मास्क पहनना संक्रमण से बचाव में मदद कर सकता है।