IND VS ENG : टीम इंडिया का बदलाव का दौर हार के साथ शुरू हुआ। शुभमन गिल की कप्तानी में युवा भारतीय टीम को लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर इंग्लैंड ने पहले टेस्ट में 5 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने 5 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली। इंग्लैंड को जीत के लिए आखिरी पारी में 371 रन बनाने थे, जो उन्होंने कर दिखाया।
विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों के रिटायरमेंट के बाद सभी की नजर इस नई बल्लेबाजी लाइनअप पर थी। बल्लेबाजों ने अच्छा खेल दिखाया, लेकिन भारत को सबसे ज़्यादा कमी रविचंद्रन अश्विन की लगी। जडेजा पिच से मदद नहीं ले पाए और स्पिन से विकेट नहीं निकाल सके।
जसप्रीत बुमराह ने पहली पारी में 5 विकेट लिए, लेकिन दूसरी पारी में उनका असर नहीं दिखा। मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा भी कुछ खास नहीं कर सके। प्रबंधन को अब सोचना होगा कि अगर बुमराह बाकी सभी टेस्ट नहीं खेलते हैं, तो बाकी गेंदबाज इंग्लैंड के खिलाफ कैसे 20 विकेट लेंगे? बेंच पर अर्शदीप सिंह, आकाश दीप और हर्षित राणा जैसे विकल्प मौजूद हैं, लेकिन उन पर भरोसा करना भी एक जोखिम होगा।
इंग्लैंड की जीत की बुनियाद डकेट (149 रन) और क्रॉली (65 रन) की 188 रन की ओपनिंग साझेदारी ने रखी। डकेट की शानदार बल्लेबाज़ी ने भारत को मैच से बाहर कर दिया। हालांकि प्रसिद्ध कृष्णा और शार्दुल ठाकुर ने कुछ वापसी कराई और लगातार विकेट लिए, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
बारिश के कारण आखिरी दिन का खेल थोड़ा बाधित हुआ, पर जो रूट और बेन स्टोक्स ने फिर से इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। स्टोक्स ने 33 रन बनाए लेकिन जडेजा की गेंद पर आउट हो गए।
दूसरी पारी में भारत 333/4 पर मजबूत स्थिति में था और 339 रनों की लीड थी, लेकिन अंतिम 6 विकेट सिर्फ 31 रनों में गिर गए। इससे इंग्लैंड को 471 रनों का लक्ष्य मिला।
भारत ने पूरे मैच में कुल 7 कैच छोड़े, जिनमें से 4 यशस्वी जायसवाल ने छोड़े। जायसवाल ने स्लिप और डीप में आसान मौके गंवाए जिससे इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों को मौका मिला।
भारत के लिए यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, केएल राहुल और ऋषभ पंत ने अच्छी बल्लेबाजी की। पंत ने दोनों पारियों में शतक लगाया और टेस्ट क्रिकेट इतिहास में दोहरा शतक लगाने वाले दूसरे विकेटकीपर बने। राहुल ने भी लंबे समय बाद शतक जमाया।
लेकिन निचले क्रम की बल्लेबाजी फिर से भारत की कमजोरी साबित हुई। साई सुदर्शन डेब्यू टेस्ट में दोनों पारियों में फ्लॉप रहे और सिर्फ 30 रन बना सके। करुण नायर ने भी कमबैक पर 0 और 20 रन ही बनाए।
नतीजा: खराब गेंदबाजी, कमजोर फील्डिंग और निचला क्रम बना हार की वजह भारत की हार के पीछे मुख्य वजह रही –
निचले क्रम की नाकामी
फील्डिंग में कई कैच छोड़ना
इस हार से साफ हो गया है कि भारत की नई टीम को आगे बढ़ने के लिए अभी और मेहनत करनी होगी।