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जीत नहीं, बड़ी जीत जरूरी! जिम्बाब्वे के खिलाफ इतने रन से जीती तो ही बचेगी टीम इंडिया की सेमीफाइनल उम्मीद

ICC Men's T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में टीम इंडिया का नेट रन रेट माइनस में है। ऐसे में जिम्बाब्वे के खिलाफ सिर्फ जीत काफी नहीं होगी, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को मजबूत प्रदर्शन करना अनिवार्य है।

👤 Ashwani Kumar 25 Feb 2026 10:28 AM

T20 World Cup: आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 दौर में टीम इंडिया की स्थिति मुश्किल हो गई है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों की बड़ी हार के बाद भारत का नेट रन रेट (NRR) -3.80 हो गया है। वहीं दक्षिण अफ्रीका का +3.80 और वेस्टइंडीज का +5.350 है। अब अगर सुपर-8 के अंत में भारत, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के 4-4 अंक होते हैं, तो सेमीफाइनल में पहुंचने का फैसला नेट रन रेट से होगा। ऐसे में भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ बड़ी जीत हासिल करनी ही होगी।

पहले बल्लेबाजी करे तो क्या करना होगा?

भारत और जिम्बाब्वे के बीच मुकाबला 26 फरवरी को चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक स्टेडियम) में खेला जाएगा। अगर टीम इंडिया पहले बल्लेबाजी करती है, तो उसे कम से कम 77 रनों से जीत दर्ज करनी होगी, ताकि नेट रन रेट शून्य से ऊपर यानी प्लस में आ सके।इसके लिए जरूरी है कि भारत बड़ा स्कोर खड़ा करे और जिम्बाब्वे को कम रन पर आउट करे। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत पहले भी 77 से ज्यादा रनों से कई मैच जीत चुका है, इसलिए उम्मीद बरकरार है।

अगर रन चेज करना पड़े तो?

रन चेज की स्थिति में भारत के लिए काम थोड़ा मुश्किल होगा।

  • अगर जिम्बाब्वे 150 रन बनाता है, तो भारत को यह लक्ष्य 13वें ओवर के अंदर हासिल करना होगा।
  • अगर जिम्बाब्वे 180 रन बना देता है, तो भारत को 14वें ओवर की आखिरी गेंद तक लक्ष्य हासिल करना पड़ेगा।

तभी नेट रन रेट प्लस में जाएगा और सेमीफाइनल की उम्मीदें मजबूत होंगी।

क्यों इतना जरूरी है बड़ा अंतर?

सुपर-8 के इस ग्रुप में मुकाबला बेहद कड़ा है। तीनों टीमों के अंक बराबर हो सकते हैं, इसलिए सिर्फ जीत काफी नहीं होगी, बल्कि जीत का अंतर भी बड़ा होना चाहिए।

अगर भारत जिम्बाब्वे के खिलाफ दमदार प्रदर्शन करता है, तो सेमीफाइनल की राह फिर से खुल सकती है। अब सबकी नजरें चेन्नई के मुकाबले पर टिकी हैं, जहां तय होगा कि टीम इंडिया वापसी कर पाएगी या मुश्किलें और बढ़ेंगी।