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Khatu Shyam Mela 2026: 27 फरवरी को खाटू में उमड़ेगी भक्तों की भीड़, जानिए क्या है ऐसा?

Khatu Shyam Baba: खाटू श्याम बाबा, जिन्हें बर्बरीक भी कहा जाता है, भगवान कृष्ण का कलियुग अवतार हैं। हर साल फरवरी में खाटूधाम में फाल्गुन लक्खी मेला लगता है, जिसमें 27 फरवरी सबसे खास दिन है।

👤 Samachaar Desk 24 Feb 2026 04:51 PM

Khatu Shyam Baba: अगर आप भी खाटू श्याम बाबा के दर्शन करने का मन बना रहे हैं, तो आपको राजस्थान के सीकर जिले में स्थित प्रसिद्ध खाटूधाम जरूर जाना चाहिए। यहां हर साल फरवरी के अंत में फाल्गुन महीने में लक्खी मेला आयोजित होता है। वर्ष 2026 का ये मेला 21 फरवरी से शुरू होकर 28 फरवरी तक चलेगा। इस मेले का सबसे जरूरी दिन 27 फरवरी है, जिसे फाल्गुन शुक्ल एकादशी कहा जाता है। इस दिन बाबा श्याम का जन्मोत्सव मनाया जाता है और देश-विदेश से लाखों भक्त खाटू पहुंचते हैं.

बाबा खाटू श्याम कौन हैं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खाटू श्याम बाबा को भगवान श्रीकृष्ण का कलियुग में अवतार माना जाता है। पौराणिक कथाओं में उनका नाम बर्बरीक बताया गया है, जो महाभारत के वीर योद्धा थे और भीम के पौत्र थे। भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में वे 'श्याम' के नाम से पूजे जाएंगे। जो भक्त सच्चे मन से उनकी पूजा करता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। यही कारण है कि लोग उन्हें 'हारे का सहारा' कहते हैं।

27 फरवरी: बाबा श्याम का विशेष दिन

फाल्गुन शुक्ल एकादशी को बाबा श्याम का जन्मदिन माना जाता है। इस दिन मंदिर में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और शोभायात्रा का आयोजन होता है। श्रद्धालु बाबा को केसरिया ध्वज, चूरमा और फूलों की चादर अर्पित करते हैं। खाटू नगरी को इस अवसर पर दुल्हन की तरह सजाया जाता है और पूरी रात भजन संध्या चलती है।

बाबा खाटू श्याम से जुड़ी खास बातें

1. बर्बरीक का शीश – महाभारत युद्ध के बाद बर्बरीक का शीश खाटू में स्थापित किया गया।

2. हारे का सहारा – जीवन में जो निराश होते हैं, उन्हें बाबा श्याम सहारा देते हैं।

3. भीम के पौत्र – बर्बरीक, भीम और हिडिंबा के पौत्र घटोत्कच के बेटे थे।

4. तीन बाणधारी – बर्बरीक को तीन बाणों का वरदान मिला था, जिससे वे पूरे युद्ध में पलभर में विजय प्राप्त कर सकते थे।

5. कृष्ण का वरदान – भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें कलियुग में अपने नाम से पूजे जाने का आशीर्वाद दिया।

6. लक्खी मेले की परंपरा – फाल्गुन में लगने वाला लक्खी मेला देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है।

7. विशेष प्रसाद – भक्त चूरमा, केसरिया ध्वज और इत्र अर्पित करते हैं।

8. निशान यात्रा – श्रद्धालु पैदल चलकर निशान लेकर मंदिर पहुंचते हैं।

9. मनोकामना पूर्ति – भक्तों की मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी हर इच्छा बाबा पूरी करते हैं।

10. खाटूधाम का महत्व – यह मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है और लाखों श्रद्धालु यहां हर साल आते हैं।

खाटूधाम: आस्था का केंद्र

खाटू श्याम मंदिर धार्मिक आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। यहां आने वाले श्रद्धालु न केवल दर्शन और पूजा करते हैं, बल्कि बाबा श्याम से अपनी मनोकामनाओं की प्राप्ति की उम्मीद लेकर जाते हैं। फाल्गुन लक्खी मेला इस आस्था को और मजबूत करता है और पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल बन जाता है।