पंजाब के अमृतसर ज़िले में नकली शराब ने ऐसा कहर बरपाया कि पांच गांवों में एक साथ मातम पसरा हुआ है. रविवार को पी गई शराब ने सोमवार तक कम से कम 15 लोगों की ज़िंदगी लील ली, और कई की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है. अमृतसर के मजीठा क्षेत्र में हुई इस त्रासदी ने राज्य की कानून-व्यवस्था और ज़हरीली शराब के धंधे पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं.
पाँच गांव -भंगली, पातालपुरी, मरारी कलां, थेरेवाल और तलवंडी घुमन - अचानक एक ही साजिश के शिकार हो गए. रविवार शाम लोगों ने एक स्थानीय सप्लायर से शराब ली, लेकिन उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि बोतल में शराब नहीं, ज़हर भरा है. कुछ लोगों ने गांव में ही दम तोड़ दिया, जबकि छह को अस्पताल में भर्ती कराया गया. कुछ परिवारों ने तो शवों का अंतिम संस्कार कर डाला, बिना किसी को खबर दिए.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. पर असल संख्या इससे ज़्यादा भी हो सकती है, क्योंकि कई मौतें गांवों में चुपचाप दफना दी गईं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहरीली शराब का नेटवर्क कोई एक दिन में नहीं बना. पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत या लापरवाही के बिना यह मुमकिन नहीं था.
पुलिस ने अब तक पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है - मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह समेत कुलबीर सिंह, साहिब सिंह, गुरजंत सिंह और निंदर कौर. लेकिन सवाल ये है कि नकली शराब की सप्लाई चेन क्या सिर्फ इतने लोगों तक सीमित थी? या फिर इससे बड़ा रैकेट राज्यभर में फैला है, जिसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है?
अमृतसर के एसएसपी मनिंदर सिंह का कहना है कि पुलिस को सोमवार रात 9.30 बजे के बाद मौतों की सूचना मिली. इसके बाद ही छानबीन शुरू हुई. लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि पुलिस और प्रशासन पहले हरकत में आते, तो इतनी मौतें नहीं होतीं. राज्य सरकार ने अब अस्पतालों में भर्ती सभी लोगों का इलाज मुफ्त कराने की घोषणा की है. लेकिन यह कदम उस समय क्यों नहीं उठाया गया जब ज़हरीली शराब का धंधा पनप रहा था?
मरने वाले अधिकतर लोग दिहाड़ी मजदूर या निम्न आयवर्ग से आते हैं. यह वही वर्ग है जो अपनी थकान मिटाने के लिए कम दाम की शराब पीता है, लेकिन उसे ही हर बार सबसे ज़्यादा कीमत चुकानी पड़ती है — कभी जान देकर, कभी अपने प्रियजनों को खोकर.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमृतसर के मजीठा इलाके में जहरीली शराब से हुई मौतों को 'हत्या' करार देते हुए सख्त कार्रवाई का एलान किया है. उन्होंने कहा कि मासूम लोगों की जान लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी. सीएम ने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी.