Logo

टैटू बनवाने से पहले जरूर पढ़ें ये बात! भगवान के नाम या चित्र को लेकर प्रेमानंद जी महाराज ने कही ऐसी बात..!

Premanand Ji Maharaj : क्या भगवान का नाम या चित्र शरीर पर टैटू बनवाना आस्था है या पाप? प्रेमानंद जी महाराज ने दी चौंकाने वाली चेतावनी. जानिए क्यों ये आदत बन सकती है आपके जीवन में संकट का कारण!

👤 Samachaar Desk 29 May 2025 08:12 AM

Premanand Ji Maharaj : आज के समय में टैटू बनवाना एक आम फैशन बन गया है. यंग जनरेशन अपनी पसंद, विचार या आस्था के प्रतीकों को शरीर पर गुदवाने में रुचि लेता है. लेकिन क्या भगवान का नाम या चित्र टैटू के रूप में बनवाना सही है? इस सवाल पर आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद जी महाराज ने अपनी साफ राय रखी है. आइए जानते हैं कि क्या शरीर पर ईश्वर के चित्र या नाम का टैटू बनवाना शुभ है या अशुभ.

प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, भगवान के नाम और चित्रों में दिव्य ऊर्जा होती है. इन्हें शरीर पर बनवाना सम्मान की जगह अनादर का कारण बन सकता है. जब व्यक्ति नहाता है या स्वाभाविक क्रियाओं में लिप्त होता है, तब शरीर पर बना भगवान का टैटू भी अपवित्र हो जाता है. इससे न सिर्फ ईश्वर का अपमान होता है बल्कि व्यक्ति पर पाप का प्रभाव भी पड़ सकता है.

क्या ये धार्मिक रूप से पाप है?

महाराज जी बताते हैं कि हम दिनभर में कई अपवित्र स्थानों या चीजों के संपर्क में आते हैं. ऐसे में शरीर पर बना कोई भी धार्मिक टैटू भी इन प्रभावों से अछूता नहीं रहता. इससे ईश्वर की कृपा तो दूर हो सकती है, बल्कि ये उनका रोष भी आमंत्रित कर सकता है. सनातन धर्म में श्रद्धा और मर्यादा को अत्यंत महत्व दिया गया है और इन सिद्धांतों का पालन जरूरी है.

केवल टैटू ही नहीं, बल्कि मेहंदी से भी देवी-देवताओं की फोटो या नाम बनवाना अनुचित माना गया है. इससे भगवान के प्रति सम्मान में कमी आती है और परिणामस्वरूप दोष लग सकता है. धार्मिक प्रतीकों के साथ यदि लापरवाही बरती जाए तो ये आस्था और परंपरा का उल्लंघन बन सकता है.

(डिस्क्लेमर: प्रिय पाठक, ये लेख केवल जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है. इसमें दी गई जानकारी सामान्य स्रोतों पर बेस्ड है. The Samachar News इसकी पुष्टि नहीं करता है.)