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ना-पाक जिस हमले का मांगता था सबूत, ON कैमरा खुद ही खोल दी अपनी पोल; भारत का दावा सच

भारत-पाक तनाव के बीच इस बार इस्लामाबाद की जुबान फिसल गई. सालों की नकारने की कोशिशों के बाद आखिरकार पाकिस्तान ने 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में अपनी भूमिका कबूल कर ली है.

👤 Sagar 11 May 2025 12:33 PM

भारत-पाक तनाव के बीच इस बार इस्लामाबाद की जुबान फिसल गई. सालों की नकारने की कोशिशों के बाद आखिरकार पाकिस्तान ने 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में अपनी भूमिका कबूल कर ली है. पाकिस्तान एयरफोर्स के डायरेक्टर जनरल (पब्लिक रिलेशंस), एयर वाइस मार्शल औरंगजेब अहमद ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हमने पुलवामा में अपनी रणनीतिक (चालाकी) से उन्हें संदेश देने की कोशिश की थी.

इस चौंकाने वाले बयान ने न सिर्फ पुलवामा हमले पर पाकिस्तान का मुखौटा उतार दिया, बल्कि 22 अप्रैल को पहलगाम हमले में भी पाकिस्तान की संलिप्तता की तरफ उंगली उठा दी है. वर्षों तक पाकिस्तान ने इस हमले में किसी भी तरह की भूमिका से साफ इंकार किया था और उल्टा भारत से सबूत मांगता रहा था.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान औरंगजेब अहमद के साथ DG ISPR लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी और पाक नौसेना के प्रवक्ता भी मौजूद थे. अहमद शरीफ वही हैं जिनके पिता, परमाणु वैज्ञानिक सुल्तान बशीरुद्दीन महमूद, अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन से मिले थे और आतंकियों को न्यूक्लियर तकनीक देने की साजिश में पकड़े गए थे. उनका नाम आज भी UN सुरक्षा परिषद के अल-कायदा प्रतिबंध सूची में है.

क्या है पुलवामा हमला?

14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार ने CRPF के काफिले पर विस्फोटक लदी गाड़ी से हमला कर 40 जवानों की जान ली थी. पाकिस्तान तब से इस हमले से पल्ला झाड़ता रहा, जबकि जैश-ए-मोहम्मद ने खुलकर इसकी जिम्मेदारी ली थी। भारत ने बाकायदा सबूतों का डोजियर पाकिस्तान को सौंपा था, लेकिन इस्लामाबाद टस से मस नहीं हुआ.

भारत की जवाबी कार्रवाई – ऑपरेशन सिंदूर और बालाकोट स्ट्राइक

इस हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित बालाकोट के जैश-ए-मोहम्मद ट्रेनिंग कैंप पर एयरस्ट्राइक की थी. भारतीय वायुसेना के 12 मिराज 2000 लड़ाकू विमानों ने जैश के सबसे बड़े ठिकाने को ध्वस्त कर दिया था. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई संघर्ष हुआ जिसमें भारतीय पायलट अभिनंदन वर्तमान को पाकिस्तान ने पकड़ लिया था, हालांकि कुछ ही दिनों में अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते अभिनंदन को रिहा करना पड़ा.

अब पाकिस्तान की यह हालिया स्वीकारोक्ति भारत के उन तमाम आरोपों को सही साबित कर रही है, जिन्हें वो सालों से नकारता आया था. औरंगजेब अहमद ने खुलेआम कहा कि 'अगर पाकिस्तान की जमीन, समुद्र, वायु या लोग खतरे में होंगे, तो हम चुप नहीं बैठेंगे. पुलवामा में हमने यही बताने की कोशिश की थी और अब हमने अपने रणनीतिक कौशल को और साबित कर दिया है. उन्हें इसे गंभीरता से लेना चाहिए.