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भारत-अमेरिका ट्रेड डील फाइनल, ट्रंप ने टैरिफ 25% से घटाकर 18% किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ता सफल हो गई है और दोनों देशों ने ट्रेड डील पर सहमति बना ली है।

👤 Saurabh 03 Feb 2026 12:24 AM

अमेरिका और भारत के रिश्तों में एक गुड न्यूज सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता हो गया है, जिसके तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाला टैक्स 25 प्रतिशत से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। इस फैसले को भारत-अमेरिका की दोस्ती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बेहतर तालमेल का नतीजा बताया जा रहा है। यह समझौता न सिर्फ दोनों देशों के व्यापार को नई रफ्तार देगा, बल्कि भारतीय उद्योग और निर्यातकों के लिए राहत लेकर आया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में घोषणा की है कि अमेरिका भारत से आयात किए जाने वाले सामान पर लगाए जाने वाले टैरिफ (कर) को 25% से घटाकर 18% कर देगा। यह घोषणा ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर की।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस फैसले के लिए ट्रंप का धन्यवाद दिया और कहा कि यह निर्णय दोनों देशों के लोगों के लिए लाभकारी और सकारात्मक है।

टैरिफ में कटौती का मतलब क्या है?

टैरिफ वह कर होता है जो एक देश दूसरे देश से आयात किए गए सामान पर लगाता है। अब अमेरिका ने भारतीय सामान पर लगाया जाने वाला टैरिफ 25% से घटाकर 18% कर दिया है। इससे भारतीय सामान अमेरिका में थोड़ा सस्ता हो सकता है और भारतीय निर्यातकों को फायदा मिल सकता है।

टैरिफ कम होना भारत-अमेरिका के बीच व्यापार को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

दोनों देशों के बीच और क्या फैसला हुआ?

ट्रंप ने कहा कि भारत भी अमेरिका से आने वाले सामान पर खुद के लगाए टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं (जैसे नियम-कानून) को धीरे-धीरे पूरी तरह हटाने पर आगे बढ़ेगा।

ट्रंप ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूस से कच्चे तेल की खरीद को रोकने और अमेरिका (और संभवतः वेनेज़ुएला) से ज़्यादा तेल खरीदने का निर्णय लिया है। ट्रंप ने इसे यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में मदद करने वाला कदम बताया।

मोदी-ट्रंप की बातचीत और प्रतिक्रिया

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह समझौता प्रधानमंत्री मोदी के अनुरोध पर और दोस्ती के आधार पर हुआ है। उन्होंने मोदी को अपने “सबसे बड़े दोस्तों” में से एक बताया।

प्रधान मंत्री मोदी ने भी कहा कि यह फैसला 1.4 अरब भारतीयों की ओर से एक अच्छी खबर है। उन्होंने कहा कि जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ और लोकतंत्र साथ मिलकर काम करते हैं, तो दोनों देशों के लोगों को फायदा होता है।

समझौते के व्यापक प्रभाव

यह समझौता अमेरिका और भारत के बीच वाणिज्यिक रिश्तों को मजबूत कर सकता है। इससे भारत के सामानों की अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ सकती है, और अमेरिकी सामान भी भारत में ज़्यादा सस्ते हो सकते हैं।

यह कदम ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के व्यापारिक संबंध पहले कुछ तनावों के बाद सुधर रहे हैं। पिछले साल अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बढ़ाया था, जिससे व्यापार वार्ता कुछ समय के लिए धीमी पड़ गई थी। अब यह नयी समझौता उस बाधा के पार जाने जैसा माना जा रहा है।

भविष्य में क्या उम्मीदें हैं?

इस समझौते के बाद भारत-अमेरिका के बीच व्यापार और निवेश के क्षेत्र में आगे और विकास की उम्मीद जताई जा रही है। इससे दोनों देशों के उद्योग, किसानों, निर्यातकों और उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलने की संभावना है।