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17 साल बाद बांग्लादेश लौटे तारिक रहमान, लाखों की भीड़ ने किया स्वागत, क्या बनेंगे अगले PM?

Tarique Rehman Return: 17 साल बाद बांग्लादेश लौटे तारिक रहमान ने ढाका की रैली में कहा कि उनके पास देश के लिए सिर्फ सपना नहीं, बल्कि पूरा प्लान है. उनकी वापसी से बांग्लादेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.

👤 Samachaar Desk 26 Dec 2025 01:11 PM

बांग्लादेश की राजनीति में साल 2025 के अंत से ठीक पहले एक नया और अहम अध्याय शुरू हो गया है. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान 17 साल बाद लंदन से बांग्लादेश लौटे हैं. जैसे ही उनका विमान ढाका एयरपोर्ट पर उतरा, लाखों समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया. इस स्वागत ने साफ संकेत दे दिया कि तारिक रहमान अब सिर्फ पार्टी नेता नहीं, बल्कि आने वाले समय में सत्ता की बड़ी दावेदारी के रूप में उभर रहे हैं.

“मेरे पास बांग्लादेश के लिए एक प्लान है”

ढाका में आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए तारिक रहमान ने कहा कि वह सिर्फ सपने नहीं दिखा रहे, बल्कि उनके पास देश के लिए एक ठोस प्लान है. उन्होंने कहा, “मैं आज बांग्लादेश की धरती से यह संदेश दे रहा हूं कि मेरे पास इस देश के भविष्य के लिए एक योजना है, जिसे हम सब मिलकर पूरा कर सकते हैं.”

उन्होंने साफ किया कि यह योजना तभी सफल होगी, जब देश का हर नागरिक इसमें भागीदारी करेगा. उनका कहना था कि अकेले कोई नेता देश नहीं बदल सकता, इसके लिए जनता का साथ जरूरी है.

मार्टिन लूथर किंग से तुलना, दिया मजबूत संदेश

अपने भाषण के दौरान तारिक रहमान ने 27 अगस्त 1963 को दिए गए मार्टिन लूथर किंग जूनियर के ऐतिहासिक भाषण का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जैसे मार्टिन लूथर किंग ने अमेरिका में नस्लभेद के खिलाफ एक स्पष्ट सोच और योजना पेश की थी, उसी तरह वह भी बांग्लादेश के लोगों के हितों के लिए एक स्पष्ट रोडमैप लेकर आए हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास सिर्फ “एक सपना” नहीं, बल्कि उसे पूरा करने की व्यावहारिक रणनीति भी है.

1971 और 2024: आजादी की दो अहम तारीखें

तारिक रहमान ने अपने भाषण में बांग्लादेश के इतिहास की दो अहम तारीखों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि

  • 1971 में देश ने पहली बार आजादी हासिल की थी
  • और 2024 में जनता ने दोबारा उस आजादी और संप्रभुता की रक्षा की

उनका कहना था कि आज देश के लोग सिर्फ रोटी और रोजगार ही नहीं, बल्कि बोलने की आजादी और लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा भी चाहते हैं.

शांति, समानता और भेदभाव के खिलाफ आवाज

अपने 15 मिनट के भाषण में तारिक रहमान ने तीन बार शांति की बात दोहराई. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सभी नागरिकों का देश है, चाहे उनकी राजनीतिक सोच या धर्म कुछ भी हो. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी को भी उसकी विचारधारा या मजहब के आधार पर निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश में राजनीतिक ध्रुवीकरण और असहिष्णुता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं.

उस्मान हादी को बताया लोकतंत्र का शहीद

तारिक रहमान ने हाल ही में मारे गए शरीफ उस्मान हादी को याद करते हुए उन्हें लोकतंत्र के लिए शहीद बताया. उन्होंने कहा कि हादी ने देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और अपनी जान गंवाई. उनका कहना था कि, “हादी के खून का कर्ज बांग्लादेश तब तक नहीं भूल सकता, जब तक देश में सच्चा लोकतंत्र स्थापित नहीं हो जाता.”

क्या तारिक रहमान होंगे बांग्लादेश के अगले पीएम?

तारिक रहमान की वापसी, जनसमर्थन और उनके आक्रामक राजनीतिक संदेशों को देखकर यह साफ है कि वह आने वाले चुनावों में बड़ी भूमिका निभाने वाले हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि BNP अब उन्हें भविष्य के प्रधानमंत्री चेहरे के तौर पर आगे बढ़ा सकती है.

आने वाले महीनों में यह साफ हो जाएगा कि तारिक रहमान का “प्लान” सिर्फ भाषण तक सीमित रहता है या वाकई बांग्लादेश की राजनीति की दिशा बदलता है.

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