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इतिहास रचा गया: 40 साल बाद भारत की अंतरिक्ष में वापसी, शुभांशु शुक्ला पहुंचे ISS

40 साल बाद भारत ने एक बार फिर अंतरिक्ष में इतिहास रच दिया है। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंचने वाले दूसरे भारतीय और 1984 के बाद पहले भारतीय बन गए हैं।

👤 Saurabh 25 Jun 2025 02:58 PM

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने इतिहास रच दिया है। वह Axiom-4 मिशन के तहत स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान को उड़ाने वाले पायलट हैं, जो 25 जून दोपहर 12:01 बजे लॉन्च हुआ। यह मिशन कई बार टलने के बाद सफलतापूर्वक शुरू हुआ।

शुभांशु शुक्ला पिछले 40 सालों में ऐसे पहले भारतीय बने हैं जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंचे हैं। इससे पहले राकेश शर्मा ने 1984 में सोवियत यूनियन के सैल्यूट-7 स्पेस स्टेशन पर 8 दिन बिताए थे।

मिशन में कौन-कौन शामिल हैं?

शुभांशु शुक्ला – पायलट (भारत)

पैगी व्हिटसन – कमांडर (नासा की पूर्व अंतरिक्ष यात्री)

स्लावोज उज्नान्स्की-विस्निएव्स्की – मिशन विशेषज्ञ (पोलैंड)

टिबोर कापू – मिशन विशेषज्ञ (हंगरी)

इस मिशन से भारत, पोलैंड और हंगरी – तीनों देशों की अंतरिक्ष में वापसी हुई है।

उड़ान से पहले क्या बोले शुभांशु शुक्ला?

उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी शुक्ला ने रवाना होने से पहले कहा: "ये यात्रा मेरे लिए बेहद खास है। मैं चाहता हूं कि मेरा यह मिशन भारत के युवाओं को प्रेरित करे, जैसे मुझे राकेश शर्मा से प्रेरणा मिली थी। अगर मेरी कहानी किसी एक बच्चे का भी जीवन बदल सके, तो ये मेरी सबसे बड़ी सफलता होगी।"

उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला कि वो इस मिशन पर जा रहे हैं, तो वो बहुत खुश और उत्साहित थे।

शुभांशु शुक्ला का परिचय

जन्म: 10 अक्टूबर 1985, लखनऊ (उत्तर प्रदेश)

पेशा: भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन

2006 में वायुसेना में शामिल हुए

टेस्ट पायलट के रूप में 2000+ घंटे उड़ान का अनुभव

जिन विमानों पर उड़ान भरी: Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar, Hawk, Dornier, An-32

ISRO के गगनयान मिशन के लिए चुने गए चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक हैं।