भारत की अर्थव्यवस्था ने 2024-25 में 6.5% की मजबूती से ग्रोथ की, जैसा कि पहले से उम्मीद की जा रही थी। यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा शुक्रवार को जारी की गई। यह वही अनुमान है जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और वित्त मंत्रालय पहले ही दे चुके थे।
2023-24: 9.2% (बहुत तेज विकास)
2022-23: 7.2%
2021-22: 8.7%
अप्रैल-जून: 6.7%
जुलाई-सितंबर: 5.6%
अक्टूबर-दिसंबर: 6.2%
जनवरी-मार्च: 7.4%
कृषि और सेवा क्षेत्र का अच्छा प्रदर्शन
लोगों की बढ़ती खपत
माल और सेवाओं के निर्यात में बढ़ोतरी
भविष्य की योजनाएं और अनुमान: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि भारत अगले 30 साल तक सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
सरकार का लक्ष्य 6-7% की विकास दर को बढ़ाकर 8% तक ले जाना है।
विश्व बैंक का मानना है कि अगर भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनना है, तो अगले 20-22 सालों तक उसे औसतन 7.8% की ग्रोथ रखनी होगी।
2013-14 में भारत 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था था।
अब भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के क़रीब है।
हालाँकि, प्रति व्यक्ति आय अब भी काफ़ी कम है।
एक दशक में बदलाव: 2013 में भारत को 'Fragile 5' (कमजोर 5) देशों में गिना जाता था। आज वह दुनिया की सबसे मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है।