Financial Year End: आज यानी 31 मार्च 2026 को वित्त वर्ष 2025-26 खत्म हो रहा है। इस समय आपकी वित्तीय जिम्मेदारियों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। कई ऐसे काम हैं जिन्हें समय पर पूरा करना फायदेमंद होता है। अगर आपने इन्हें छोड़ दिया, तो बाद में टैक्स, ब्याज या पेनल्टी के रूप में नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए समझदारी यही है कि आज ही अपने बकाया कामों को निपटा लें।
अगर आपकी कुल टैक्स देनदारी सालाना 10,000 रुपये से ज्यादा है, तो एडवांस टैक्स भरना जरूरी है। कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना महंगा पड़ सकता है। समय पर टैक्स जमा न करने पर ब्याज देना पड़ सकता है। इसके अलावा 31 मार्च तक अगर कुल टैक्स का बड़ा हिस्सा जमा नहीं हुआ, तो अतिरिक्त ब्याज भी लगेगा। इसलिए अभी अपने टैक्स का हिसाब करें और बकाया राशि तुरंत जमा कर दें।
अगर आप पुराने टैक्स नियमों के तहत हैं, तो अभी भी टैक्स बचाने के मौके हैं। आप PPF, ELSS, लाइफ इंश्योरेंस, NSC या टैक्स सेविंग FD में निवेश करके टैक्स देनदारी कम कर सकते हैं। इसके अलावा NPS में अतिरिक्त निवेश करने या हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम भरने पर भी आपको टैक्स में राहत मिलती है। जल्दी करें और इन विकल्पों का पूरा फायदा उठाएं।
अगर आपने इस वित्त वर्ष में नौकरी बदली है, तो अपने नए नियोक्ता को पिछली नौकरी की सैलरी की जानकारी देना न भूलें। ऐसा न करने पर टैक्स की सही गणना नहीं होगी और ITR भरते समय आपको अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है। यह छोटी सी चीज है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है।
PPF या सुकन्या समृद्धि योजना में खाता रखने वाले लोग कभी-कभी सालाना न्यूनतम राशि जमा करना भूल जाते हैं। ऐसा होने पर खाता निष्क्रिय हो सकता है और इसे दोबारा चालू कराने के लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। इसलिए सुनिश्चित करें कि साल खत्म होने से पहले न्यूनतम राशि जमा कर दी गई हो।
अगर आप बिजनेस करते हैं और छोटे या मझोले उद्यमों से सेवाएं या सामान लेते हैं, तो समय पर भुगतान करना जरूरी है। देर से भुगतान करने पर उस खर्च का टैक्स लाभ नहीं मिलेगा और टैक्स देनदारी बढ़ सकती है। सभी बकाया भुगतान का मिलान करें और समय पर क्लियर करें।
अपने निवेश का पूरा हिसाब देखें। शेयर या म्यूचुअल फंड में कितना मुनाफा या नुकसान हुआ, यह जानना जरूरी है। नुकसान होने पर उसे मुनाफे के साथ एडजस्ट कर आप टैक्स बचा सकते हैं। सही योजना और ध्यान से निवेश की समीक्षा करने पर आपकी कुल टैक्स देनदारी कम हो सकती है।
यह वित्त वर्ष के अंत की चेकलिस्ट आपको समय रहते अपने वित्तीय काम पूरे करने और टैक्स में लाभ लेने में मदद करेगी। आज ही इसे देखें और जो जरूरी है, उसे निपटा दें।