उत्तराखंड में स्थित बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले मंदिरों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। समिति ने उन लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है जो सनातन धर्म में आस्था नहीं रखते।
यह प्रस्ताव देहरादून स्थित मंदिर समिति कार्यालय में हुई बजट बैठक के दौरान पारित किया गया। बैठक की अध्यक्षता बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने की। समिति के अंतर्गत कुल 47 मंदिर आते हैं, जिनमें बद्रीनाथ और केदारनाथ जैसे प्रमुख तीर्थस्थल भी शामिल हैं।
मंदिर समिति के अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि चारधाम तीर्थस्थलों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश को सीमित करने पर विचार किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि मंदिरों की धार्मिक परंपराओं और पवित्रता को बनाए रखा जा सके। समिति का मानना है कि चारधाम यात्रा और मंदिर दर्शन का उद्देश्य धार्मिक आस्था से जुड़ा होता है, इसलिए वही श्रद्धालु इन पवित्र स्थलों पर दर्शन करें जो सनातन धर्म में विश्वास रखते हैं।
समिति के मुताबिक यह प्रतिबंध मंदिर के गर्भगृह और मुख्य परिसर में लागू किया जा सकता है। अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य किसी समुदाय को निशाना बनाना नहीं बल्कि उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों की पवित्रता और धार्मिक मर्यादाओं को सुरक्षित रखना है। हालांकि इस प्रस्ताव को लागू करने को लेकर आगे प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।
बैठक के दौरान आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट को भी मंजूरी दी गई। समिति ने कुल 121 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इसमें से लगभग 57.5 करोड़ रुपये बद्रीनाथ धाम के लिए और 63.6 करोड़ रुपये केदारनाथ धाम के विकास और व्यवस्थाओं के लिए खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा बोर्ड ने तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस कोष का उद्देश्य मंदिरों से जुड़े पुजारियों और पुरोहितों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। इस साल यात्रा की शुरुआत अक्षय तृतीया के दिन यानी 19 अप्रैल से होगी। यात्रा के दौरान गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट भी इसी दिन खोले जाएंगे। वहीं केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे, जबकि बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। हर साल बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां तेज कर रही है।