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प्रेमानंद महाराज की बिगड़ती सेहत पर एजाज खान ने की किडनी दान की पेशकश! सोशल मीडिया पर मचा बवाल

वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज की सेहत बिगड़ी, बॉलीवुड स्टार्स राज कुंद्रा और एजाज खान ने किडनी दान की पेशकश की. जानें सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रियाएं और महाराज का जीवन परिचय.

👤 Samachaar Desk 15 Oct 2025 04:57 PM

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज लंबे समय से किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं. हाल ही में उनकी सेहत में गिरावट आई, जिससे उनके भक्त काफी चिंतित हो गए. सोशल मीडिया पर खबरें वायरल हुईं और लोग उनके स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं.

राज कुंद्रा और एजाज खान की पेशकश

कुछ समय पहले बॉलीवुड सितारे राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी महाराज जी के दर्शन के लिए आए. राज कुंद्रा ने उन्हें अपनी किडनी दान करने की पेशकश की. वहीं हाल ही में अभिनेता एजाज खान ने सोशल मीडिया वीडियो में अपनी श्रद्धा जताते हुए कहा कि अगर उनकी किडनी मैच हो जाए तो वह महाराज को दान करना चाहते हैं.

एजाज ने वीडियो में कहा, "मेरा जी करता है मैं उनके मिलूं और अगर मेरी किडनी उनसे मैच हो जाए तो मैं उन्हें अपनी एक किडनी देना चाहता हूं. उनके लिए दुआ करो कि ये शख्सियत 100 साल और जिए."

सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाएं

एजाज की पेशकश के बाद सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ आईं. कुछ लोग उनकी सराहना कर रहे हैं, तो कई ने ट्रोल किया और कहा कि किसी जरूरतमंद को किडनी देना ज्यादा उचित होगा. एक यूजर ने लिखा, “बहुत लोगों को जरूरत है, हॉस्पिटल में जाओ और किसी जरूरतमंद को दो.”

राज कुंद्रा की किडनी पेशकश को भी कुछ लोगों ने ‘पीआर स्टंट’ बताया, खासकर जब उनके ऊपर पहले 60 करोड़ के फ्रॉड के आरोप लगे थे.

महाराज ने कई बार मना किया

संत प्रेमानंद महाराज ने हमेशा स्पष्ट किया कि वे किसी का दर्द नहीं झेलना चाहते, इसलिए सभी पेशकशों को ठुकरा रहे हैं. उनके भक्तों में क्रिकेटर विराट कोहली और अनुष्का शर्मा जैसे सितारे भी शामिल हैं.

महाराज का जीवन परिचय

महाराज का असली नाम प्रेमानंद गोविंद शरन है. वे वृंदावन के राधा केली कुंज आश्रम के प्रमुख हैं. मात्र 13 साल की उम्र में उन्होंने गृह त्याग लिया. पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (PKD) से पीड़ित महाराज पिछले 20 सालों से डायलिसिस पर हैं. भारत में कानून के अनुसार केवल रिश्तेदार ही किडनी दान कर सकते हैं.

हालांकि महाराज की सेहत अभी भी संवेदनशील है, उनके लिए की जा रही दुआओं और श्रद्धालुओं की चिंता ने थोड़ी राहत जरूर दी है.