केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश किए गए कृषि बजट 2026 में किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेती को मजबूत बनाने पर खास जोर दिया. उन्होंने साफ कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ अनाज उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती से जुड़े हर क्षेत्र को आगे बढ़ाना है. इस बजट में डेयरी, मुर्गी पालन, बागवानी और खास फसलों के जरिए किसानों को ज्यादा कमाई के मौके दिए गए हैं.
वित्त मंत्री ने कहा कि अगर खेती में उत्पादों की विविधता बढ़ाई जाए, तो न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे. इसलिए इस बजट में पारंपरिक खेती के साथ-साथ नए क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया गया है.
बजट में डेयरी और मुर्गी पालन को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता के रूप में रखा गया है. इन सेक्टर्स से लाखों किसान और छोटे परिवार जुड़े हुए हैं. वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार चाहती है कि किसान दूध, अंडे और उनसे जुड़े उत्पादों के जरिए स्थायी आमदनी कमा सकें.
इसके लिए बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और बाजार तक पहुंच बढ़ाने के प्रस्ताव रखे गए हैं. इससे किसानों को ना सिर्फ उत्पाद बेचने में मदद मिलेगी, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी.
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत नारियल उत्पादन में दुनिया में सबसे आगे है. देश में करीब 3 करोड़ लोग सीधे या परोक्ष रूप से नारियल की खेती और उससे जुड़े कामों पर निर्भर हैं. इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने नारियल क्षेत्र के लिए खास योजनाएं बनाई हैं.
इन योजनाओं के तहत मुख्य नारियल उत्पादक राज्यों में नई सुविधाएं स्थापित की जाएंगी. इससे नारियल किसानों को बेहतर समर्थन मिलेगा और नारियल से जुड़े उत्पादों की गुणवत्ता और बिक्री में सुधार होगा. साथ ही नारियल से बनने वाले तेल, रेशा और अन्य उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा.
कृषि बजट 2026 में काजू और कोको को भी खास महत्व दिया गया है. इसका मकसद इन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती से पेश करना है. किसानों और उद्यमियों को इसके निर्यात और मूल्यवर्धन में मदद दी जाएगी.
साथ ही चंदन की खेती को फिर से बढ़ावा देने का ऐलान किया गया. नॉर्थ ईस्ट राज्यों के लिए भी बजट में विशेष योजना रखी गई है, जिसमें बादाम और मूंगफली जैसी फसलों को बढ़ावा देने का प्रावधान शामिल है.
कृषि बजट 2026 न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में काम करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा. नए प्रस्तावों के जरिए किसानों को नई तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी. इससे खेती से जुड़े छोटे उद्यमों और सहकारी समितियों को भी फायदा होगा.
डेयरी, मुर्गी पालन, नारियल, काजू, कोको और बागवानी के क्षेत्र में निवेश और समर्थन से किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होंगे और ग्रामीण रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे.
कुल मिलाकर, कृषि बजट 2026 किसानों के लिए नई उम्मीद और अवसरों का पैकेज लेकर आया है. यह कदम भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और खेती को सिर्फ जीविका नहीं, बल्कि लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा.