मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए। यह मुठभेड़ शोपियां के केलर इलाके के शुकरू वन क्षेत्र में हुई।
सूत्रों के मुताबिक, मारे गए आतंकियों में दो की पहचान हो चुकी है। एक का नाम शाहिद कुट्टे है, जो चोटीपोरा हीरपोरा, शोपियां का रहने वाला था। वह लश्कर-ए-तैयबा का ए कैटेगरी का आतंकी था और कई हमलों में शामिल था, जैसे 2024 में श्रीनगर के डेनिश रिसॉर्ट पर हमला, जिसमें जर्मन पर्यटक घायल हुए थे, और एक भाजपा सरपंच की हत्या।
दूसरे आतंकी की पहचान अदनान शफी डार के रूप में हुई है, जो शोपियां के वंदुना मेल्होरा का निवासी था। वह 2024 में आतंकी संगठन में शामिल हुआ था और श्रेणी सी का आतंकी था। वह भी गैर-स्थानीय मजदूरों की हत्या में शामिल था।
तीसरे मारे गए आतंकी की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
यह कार्रवाई उस समय हुई जब सुरक्षा एजेंसियों को आतंकियों की मौजूदगी की पक्की सूचना मिली और सुबह 8 बजे अभियान शुरू किया गया।
इसके साथ ही पुलवामा जिले में पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें पहलगाम आतंकी हमले के दोषियों के बारे में जानकारी देने पर 20 लाख रुपये इनाम की घोषणा की गई है। पुलिस ने तीन संदिग्धों के स्केच और नाम जारी किए हैं – हुसैन थोकर, तल्हा भाई (अली भाई) और हासिम मूसा (सुलेमान)। सभी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं।
यह मुठभेड़ भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुई है, जिसमें पाकिस्तान में जैश और लश्कर के कई आतंकी ठिकानों पर हमले कर करीब 100 आतंकियों को मार गिराया गया था।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल यानी सोमवार को रात 8 बजे अपने संबोधन में कहा था कि भारत अब आतंकवादियों और उन्हें समर्थन देने वाली सरकारों में कोई फर्क नहीं करेगा और सभी को एक जैसा जवाब देगा। यह बयान उस सैन्य कार्रवाई के बाद सामने आया है, जिसमें भारत ने पिछले महीने पहलगाम में 26 नागरिकों की हत्या के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए।