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तिहाड़ से रिहाई के बाद बदले-बदले दिखे राजपाल यादव, बोले- मुझे सहानुभूति नहीं, सिर्फ समय चाहिए!

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में अंतरिम जमानत मिलने पर तिहाड़ जेल से रिहा किया गया. बाहर आकर उन्होंने सपोर्ट का धन्यवाद दिया और कहा कि उन्हें सहानुभूति नहीं, बल्कि समय चाहिए.

👤 Samachaar Desk 20 Feb 2026 12:58 PM

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में अंतरिम जमानत मिलने के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया. हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद मंगलवार को वो जेल से बाहर आए. रिहाई के बाद उन्होंने उन सभी लोगों का आभार जताया, जिन्होंने कठिन समय में उनका साथ दिया. बाहर आते ही वो अपने पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल हुए और अपनी भतीजी की शादी में पूरे उत्साह के साथ नजर आए. उनका जश्न मनाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया.

5 फरवरी को एक्टर ने चेक बाउंस मामले में सरेंडर किया था, जिसके बाद वो न्यायिक हिरासत में रहे. इस दौरान फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकार ने उनको सपोर्ट किया, जिनमें शामिल है- सोनू सूद, गुरमीत चौधरी, राव इंद्रजीत सिंह और मीका सिंह सहित कई लोगों ने उनका हौसला बढ़ाया. राजपाल यादव ने कहा कि उन्हें लोगों की बातों से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, बल्कि वो अपने काम और सच्चाई पर ध्यान देना पसंद करते हैं.

जेल सुधार पर रखी अपनी राय

रिहाई के बाद अपने पैतृक गांव में मीडिया से बातचीत के दौरान राजपाल यादव ने जेल व्यवस्था को लेकर भी अपनी सोच शेयर की. उनका मानना है कि जेलों को केवल सजा देने की जगह सुधार केंद्र की तरह काम करना चाहिए, जहां कैदियों को बदलाव का मौका मिले. उन्होंने ये भी सुझाव दिया कि जैसे रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर निर्धारित स्मोकिंग जोन होते हैं, वैसे ही जेलों में भी अलग स्थान होने चाहिए. एक्टर ने कहा कि बाहर से किसी व्यक्ति के अपराध की गंभीरता का आकलन करना हमेशा आसान नहीं होता, क्योंकि कई बार लोग परिस्थितियों के कारण गलती कर बैठते हैं.

'मुझे सहानुभूति नहीं, समय चाहिए'

राजपाल यादव ने साफ किया कि कानूनी मुद्दों पर उनके वकील प्रतिक्रिया देंगे. उन्होंने ये भी कहा कि परिवार में शादी का कार्यक्रम होने के कारण वो कुछ दिनों तक मीडिया से दूरी बनाए रखेंगे और बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विस्तार से बात करेंगे. एक्टर ने अपने भारतीय होने पर गर्व जताते हुए कहा कि उन्होंने कभी अपनी नागरिकता या पहचान बदलने के बारे में नहीं सोचा. उनका कहना था कि वो अपनी कमाई बढ़ाना चाहते हैं, न कि अपनी मुद्रा या देश बदलना. उन्होंने दो टूक कहा कि उन्हें सहानुभूति की जरूरत नहीं, बल्कि थोड़ा समय चाहिए. साथ ही उन्होंने ये भी जोड़ा कि अगर उनकी फोटो या वीडियो से लोगों को खुशी मिलती है, तो उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं.

लोकप्रिय फिल्मों से बनाई पहचान

राजपाल यादव ने हिंदी सिनेमा में कॉमेडी के जरिए अलग पहचान बनाई है. वो 'मुझसे शादी करोगी', 'वक्त: द रेस अगेंस्ट टाइम', 'फिर हेरा फेरी', 'पार्टनर', 'भूल भुलैया', 'हंगामा' और 'चुप चाप के' जैसी फिल्मों में अपने किरदारों के लिए जाने जाते हैं.

करीब 9 करोड़ रुपये से जुड़े इस मामले में अदालत ने उनकी सजा को 18 मार्च तक के लिए निलंबित कर दिया है, जिससे उन्हें अस्थायी राहत मिली है. फिलहाल एक्टर अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं.