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Kharmas 2026: कब से शुरू हो रहा है खरमास, जानें कब होंगे अशुभ दिन खत्म

Kharmas 2026: शादी का सीजन खत्म होने वाला है, क्योंकि खरमास आने वाले हैं. आइए जानते हैं कि कब से शुरू हो रहे हैं खरममास-

👤 Samachaar Desk 09 Mar 2026 01:48 PM

Kharmas 2026: हिंदू ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव गुरु की राशि, यानी धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तभी खरमास शुरू होता है। खरमास को एक अशुभ अवधि माना जाता है। इस दौरान कोई भी मांगलिक काम जैसे विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार या नामकरण नहीं किए जाते। साल में दो बार ऐसा समय आता है जब ये अवधि लगती है। इस साल खरमास 15 मार्च से शुरू होगा और 14 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान विवाह और अन्य शुभ कार्य रोक दिए जाएंगे।

साल 2026 में सूर्य देव 14 मार्च की देर रात 1 बजकर 8 मिनट पर कुंभ राशि से मीन राशि में प्रवेश करेंगे। चूंकि अंग्रेजी कैलेंडर में रात 12 बजे के बाद अगला दिन माना जाता है, इसलिए यह समय 15 मार्च का दिन माना जाएगा। इस कारण खरमास की शुरुआत 15 मार्च से मानी गई है। खरमास का समापन 14 अप्रैल को होगा और इसके बाद शुभ कार्य फिर से शुरू किए जा सकेंगे।

विवाह और अन्य शुभ कार्य कब शुरू होंगे

खरमास के खत्म होने के बाद 15 अप्रैल से विवाह और अन्य मांगलिक कार्य फिर से शुरू होंगे। यह अवधि जुलाई में चातुर्मास शुरू होने से पहले तक चलेगी।

अप्रैल में शुभ विवाह की तिथियां

15, 16, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29 और 30 तारीख को विवाह हो सकते हैं।

मई में शुभ विवाह की तिथियां

01, 03, 04, 05, 06, 07, 08, 12, 13 और 14 तारीख को विवाह योग्य हैं।

जून में शुभ विवाह की तिथियां

19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28 और 29 तारीख को विवाह कर सकते हैं।

जुलाई में शुभ विवाह की तिथियां

01, 02, 06, 07, 08 और 11 तारीख को विवाह संभव हैं।

खरमास में विवाह और शुभ कार्य वर्जित क्यों हैं?

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, सूर्य और गुरु की राशि में होने पर दोनों ग्रहों की शक्ति कम हो जाती है। विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए सूर्य, गुरु और शुक्र का मजबूत और उत्तम स्थिति में होना आवश्यक है। जब ये ग्रह कमजोर होते हैं, तो इन कार्यों का शुभ परिणाम नहीं मिलता। इसी कारण खरमास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार और नामकरण जैसे सभी मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।