Logo

Guru Purnima 2025 : हर साल आता है ये दिन, लेकिन इस बार है कुछ खास! जानें कब है आषाढ़ पूर्णिमा?

Guru Purnima 2025 : एक ही दिन मिलेगा चार गुना पुण्य, गुरु की कृपा और लक्ष्मी का आशीर्वाद! आषाढ़ की पूर्णिमा पर खुलेंगे भाग्य के द्वार, लेकिन जानिए वो खास समय जब हर पूजा होगी सबसे असरदार…

👤 Samachaar Desk 01 Jul 2025 08:11 AM

Guru Purnima 2025 : सनातन धर्म में हर पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है, लेकिन आषाढ़ पूर्णिमा एक ऐसा पर्व है जो न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि आध्यात्मिक और सामाजिक लेवल पर भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. ये दिन गुरु पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है, जो जीवन में गुरु के योगदान को सम्मानित करने का अवसर होता है.

हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ पूर्णिमा 2025 में 9 जुलाई की शाम 6:54 बजे से शुरू होकर 10 जुलाई की शाम 5:45 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार, मुख्य पर्व 10 जुलाई को मनाया जाएगा. इस दिन स्नान, दान, व्रत और पूजा का विशेष महत्व बताया गया है.

धार्मिक महत्व और परंपराएं

पूर्णिमा के दिन खासतौर से पवित्र नदियों में स्नान करना पुण्यदायक माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन गंगा या किसी भी तीर्थ सरोवर में स्नान करने से पापों का क्षय होता है और आत्मा को शुद्धि प्राप्त होती है. साथ ही, इस दिन वस्त्र, अन्न, धन और तिल आदि का दान करने से कई गुना फल प्राप्त होता है.

लक्ष्मी-नारायण की कृपा पाने का अवसर

पंडित कल्कि राम के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए. भक्तजन व्रत रखकर दीप प्रज्वलित करते हैं, मंत्रों का जाप करते हैं और लक्ष्मी-विष्णु की आराधना करते हैं. ये पूजा घर में सुख, समृद्धि और शांति बनाए रखने में सहायक मानी जाती है.

गुरु पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व

आषाढ़ पूर्णिमा के दिन ही गुरु पूर्णिमा का पर्व भी आता है. ये दिन गुरु के ज्ञान, मार्गदर्शन और शिक्षाओं के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का अवसर होता है. गुरुओं की पूजा कर उनका आशीर्वाद लेने से जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं और आत्मिक प्रगति होती है.

आषाढ़ पूर्णिमा एक ऐसा पावन दिन है जो स्नान, दान, पूजा और गुरु भक्ति के चार स्तंभों पर आधारित है. ये जीवन में धर्म, कर्तव्य और अध्यात्म के संतुलन को स्थापित करने का सशक्त माध्यम है.