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Ganesh Ji Puja Bhog: आद ढुण्ढिराज चतुर्थी के दिन भहवान को चढ़ाएं येभग, बप्पा की बरसेगी असीम कृपा

Ganesh Ji Puja Bhog: ढुण्ढिराज चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा कर मोदक, लड्डू और दूर्वा चढ़ाएं. सच्ची श्रद्धा से व्रत रखने पर विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि मिलती है.

👤 Samachaar Desk 21 Feb 2026 09:47 AM

Ganesh Ji Puja Bhog: जब जीवन में बार-बार रुकावटें आने लगें और मन अशांत महसूस करे, तब भगवान गणेश की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है. फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाने वाली ढुण्ढिराज चतुर्थी सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि नई शुरुआत और सकारात्मक ऊर्जा का अवसर है. इस दिन भक्त गणेश जी के ढुण्ढिराज स्वरूप की पूजा कर अपने जीवन से बाधाओं को दूर करने की कामना करते हैं.

बप्पा को लगाएं इन चीजों का भोग

भगवान गणेश को सरल, सात्विक और प्रेम से बनाए गए व्यंजन बहुत प्रिय हैं.

मोदक: मोदक को गणेश जी का सबसे पसंदीदा भोग माना जाता है. कहा जाता है कि 21 मोदक अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है.

लड्डू: बेसन या बूंदी के लड्डू भी बप्पा को अत्यंत प्रिय हैं. इन्हें श्रद्धा और भक्ति भाव से चढ़ाना चाहिए.

दूर्वा घास: पूजा में 21 दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है. दूर्वा चढ़ाने से भगवान शीघ्र प्रसन्न होते हैं.

नारियल: नारियल को पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक माना गया है. इसे पूजा में शामिल करना मंगलकारी होता है.

गुड़ और चना: यदि सरल भोग लगाना चाहें तो गुड़ और चना भी अर्पित कर सकते हैं. यह सात्विक और शुभ माना जाता है.

पूजा विधि सरल शब्दों में

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें. पूजा स्थान को स्वच्छ करें और गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. दीपक और धूप जलाएं. इसके बाद दूर्वा, फूल और सिंदूर अर्पित करें. “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करें. अंत में भोग लगाकर आरती करें और सभी के सुख की प्रार्थना करें.

इन गलतियों से रहें दूर

पूजा करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

गणेश जी को तुलसी अर्पित नहीं करनी चाहिए. बासी या अशुद्ध भोजन का भोग न लगाएं. क्रोध या नकारात्मक भावना के साथ पूजा न करें. कुछ परंपराओं में इस दिन चंद्र दर्शन से बचने की सलाह दी जाती है.

ढुण्ढिराज चतुर्थी का महत्व

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता कहा जाता है. किसी भी शुभ कार्य से पहले उनकी पूजा करने की परंपरा है. फाल्गुन शुक्ल चतुर्थी के दिन उनके ढुण्ढिराज स्वरूप की आराधना करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इसलिए इस दिन सच्चे मन से व्रत रखें, प्रिय भोग अर्पित करें और बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त करें.