सोशल मीडिया पर इन दिनों एक "बंदर का व्लॉग" वीडियो जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है. वीडियो में बंदर इंसानों की तरह हरिद्वार की हर की पौड़ी पर मोबाइल कैमरे से शूटिंग करता नज़र आता है और बड़ी ही साफ हिंदी में बोलता है, "नमस्कार दोस्तों, आज मैं आया हूं गंगा स्नान करने." यह सुनकर हर कोई हैरान है कि क्या अब बंदर भी इंसानों की तरह व्लॉग बनाने लगे हैं?
इस वायरल क्लिप को अब तक 100 मिलियन से ज्यादा लोग देख चुके हैं और 8 लाख से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं. इंस्टाग्राम पर इसे साढ़े मिलियन से अधिक बार शेयर भी किया गया है. बंदर का स्टाइल, उसकी आवाज और लोकेशन, सब कुछ इतना रियल लगता है कि एक पल के लिए कोई भी धोखा खा जाए.
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क्या सच में बंदर बोलने लगा?
वीडियो में बंदर बेहद भावुक होकर कहता है, "मैं पहली बार गंगा स्नान करने आया हूं, पानी थोड़ा ठंडा है लेकिन दिल को सुकून मिल रहा है." सुनकर हर किसी के मन में सवाल उठता है कि क्या वाकई कोई बंदर इंसानी भाषा में ऐसा बोल सकता है?
AI की करामात निकला वीडियो
इस वायरल वीडियो की पड़ताल करने पर हकीकत सामने आई. वीडियो को डीपवेयर स्कैनर नाम के टूल से जांचा गया, जो AI जनरेटेड और डीपफेक वीडियो को पकड़ने में सक्षम है. यह टूल चेहरे की मूवमेंट, होंठों की चाल और फ्लिकर की unnatural हरकतों को डिटेक्ट करता है. जांच के बाद पुष्टि हुई कि यह वीडियो AI जनरेटेड है. यानि बंदर का यह “व्लॉग” पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कमाल है.
क्या सीख मिलती है?
सोशल मीडिया पर आजकल AI जनरेटेड कंटेंट तेजी से फैल रहा है. इस तरह के वीडियो देखने में रोचक लग सकते हैं लेकिन बिना जांचे उन्हें सच मानना गलत हो सकता है. इसलिए जरूरी है कि आप किसी भी वायरल वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांचें क्योंकि आजकल बंदर भी व्लॉगर बन सकते हैं… लेकिन शायद सिर्फ AI की मदद से.
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