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एक Photo और सोशल मीडिया पर भूचाल, Rahul Gandhi पर फिर उठे सवाल, क्या है इस वायरल कहानी का पूरा सच?

Viral News: पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में घिरी यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की राहुल गांधी के साथ वायरल हुई तस्वीर ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. हालांकि ये तस्वीर पूरी तरह से फर्जी साबित हुई है, लेकिन इसने राजनीतिक गलियारों और इंटरनेट पर भारी विवाद खड़ा कर दिया है. फैक्ट चेकिंग से पता चला कि असल तस्वीर पूर्व कांग्रेस नेता अदिति सिंह की है, जिसे छेड़छाड़ कर वायरल किया गया.

👤 Samachaar Desk 25 May 2025 09:21 PM

पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार हुई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की एक तस्वीर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. इस तस्वीर में दावा किया गया कि राहुल गांधी एक 'गद्दार' के साथ नजर आ रहे हैं. कई लोगों ने इस पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता पर सीधा निशाना साधा.

क्या है वायरल फोटो की सच्चाई?

जब इस वायरल तस्वीर की गहराई से जांच की गई तो सामने आया कि यह तस्वीर डॉक्टर्ड यानी फोटोशॉप की गई है. गूगल रिवर्स इमेज सर्च से पता चला कि यह तस्वीर असल में 2017 में कांग्रेस की पूर्व नेता अदिति सिंह की थी, जो अब बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं. तस्वीर में अदिति सिंह की साड़ी, पोज और बैकग्राउंड भी हूबहू मेल खाते हैं.

यहां देखें:

अदिति सिंह की तस्वीर से मिलती है हूबहू

अदिति सिंह की ओरिजिनल फोटो 2017 में शेयर की गई थी और वह उस वक्त रायबरेली से कांग्रेस सांसद थीं. साल 2021 में वह बीजेपी में शामिल हो गईं और फिलहाल रायबरेली सदर से विधायक हैं. फैक्ट चेकिंग एजेंसियों ने इस तस्वीर को पूरी तरह फर्जी बताया है और स्पष्ट किया है कि इसका राहुल गांधी और ज्योति मल्होत्रा के साथ कोई संबंध नहीं है.

कौन हैं ज्योति मल्होत्रा?

ज्योति मल्होत्रा एक यूट्यूबर हैं, जिनके चैनल पर लगभग 3.9 लाख से भी ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं. उन पर आरोप है कि वह पाकिस्तानी उच्चायोग में कार्यरत एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के संपर्क में थीं और 2023 से भारत की संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान को भेज रही थीं.

भारत सरकार ने 13 मई को दानिश को देश से निकाल दिया था. ज्योति पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं. एनआईए, आईबी और मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीमों ने उनसे पूछताछ की है.

अफवाहों से बचें, सच को पहचानें

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हर चीज़ पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं किया जा सकता. वायरल तस्वीर पूरी तरह फर्जी निकली और इसका कोई संबंध राहुल गांधी से नहीं है. सच्चाई जानना और फैलाना आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.