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पहलगाम अटैक को लेकर गलत दावा कर रहा शख्स, जब खुली पोल तो यूजर्स ने बजाई बैंड!

पहलगाम आतंकी हमले के बाद वायरल वीडियो में एक युवक खुद को भारतीय सेना का जवान बताकर गंभीर आरोप लगा रहा है, लेकिन उसकी वीडियो में कितनी सच्चाई हैं, आइए जानते हैं.

👤 Simran 14 May 2025 07:55 PM

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर निशाना साधा. इस जवाब से जहां एक ओर देशभर में आक्रोश कम हुआ, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जो भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. इन वीडियो में एक शख्स खुद को आर्मी का जवान बताकर सरकार और सेना पर गंभीर आरोप लगाता दिख रहा है. लेकिन अब इन दावों की सच्चाई सामने आ चुकी है.

क्या है वायरल वीडियो का दावा?

वायरल हो रहे वीडियो में एक युवक दावा करता है कि वो भारतीय सेना का जवान है और पिछले आठ सालों से सेवा में है. वो कहता है कि उसे कश्मीर में तैनात किया गया है और वो सरकार की नीतियों से बेहद नाखुश है. वीडियो में वो अपना सेना का पहचान पत्र भी दिखाता है और भारत सरकार पर आरोप लगाते हुए सेना की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है.

PIB का खुलासा: फर्जी है वीडियो

भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करने वाली फैक्ट चेक इकाई PIB ने इस वायरल वीडियो पर स्पष्टीकरण जारी किया है. PIB के अनुसार, वीडियो में दिख रहा शख्स मार्च 2025 से ड्यूटी पर हाज़िर नहीं हुआ है और सेना ने उसे ‘भगोड़ा’ घोषित कर रखा है. PIB ने स्पष्ट किया है कि वीडियो में दिखाई गई बातें पूरी तरह से भ्रामक और गलत हैं. ये व्यक्ति ना तो सक्रिय ड्यूटी पर है और ना ही सेना का वैध प्रतिनिधि. 

पहलगाम हमले के बाद सेना का जवाब

गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में चार आतंकियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी. इसके जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क पर जबरदस्त कार्रवाई करते हुए 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया. इस ऑपरेशन के वीडियो पाकिस्तान से लीक होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.

लोगों का गुस्सा: 'ऐसे लोगों की तुरंत हो गिरफ्तारी'

इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भारी प्रतिक्रिया देखी जा रही है. लोग इस युवक की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं और उसकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. कई यूजर्स का कहना है कि ऐसे लोगों को सेना में कैसे भर्ती किया गया? ये देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है.