रिसर्च फर्म Apteco की नई रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, X (पूर्व में ट्विटर), और अमेजन जैसे ऐप्स यूजर्स से बड़ी मात्रा में निजी डेटा कलेक्ट कर रहे हैं. यह रिपोर्ट Apple के प्राइवेसी लेबल ‘Data Linked to You’ पर आधारित है, जो बताता है कि कौन-से ऐप्स यूजर से क्या-क्या जानकारी जुटाते हैं.
आज के दौर में हर काम के लिए कोई-न-कोई ऐप है, मूवी देखनी हो, ट्रैवल करना हो या खरीदारी करनी हो. लेकिन Apteco की रिपोर्ट बताती है कि ये सुविधाएं एक कीमत पर मिल रही हैं, आपकी प्राइवेसी के बदले.
रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक, इंस्टाग्राम और थ्रेड्स इस लिस्ट में टॉप 3 पर हैं. इनके बाद यूट्यूब, अमेजन, अमेजन एलेक्सा, लिंक्डइन और X (Twitter) जैसे नाम शामिल हैं. ये ऐप्स आपके नाम, फोन नंबर, ईमेल, होम एड्रेस, लोकेशन, ब्राउजिंग हिस्ट्री, और यहां तक कि फाइनेंशियल डिटेल्स भी इकट्ठा करते हैं.
इन ऐप्स का डेटा कलेक्शन सिर्फ ऐप के काम से जुड़ा नहीं होता. ये यूजर के शॉपिंग रिकॉर्ड, सर्च पैटर्न, बिहेवियर और डिवाइस एक्टिविटी को भी ट्रैक करते हैं, ताकि आपको टारगेटेड ऐड दिखाया जा सके और आपकी डिजिटल आदतों को समझा जा सके.
लोकेशन सेटिंग्स स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल करें ऐप्स को 'Only while using the app' की परमिशन दें और precise location ट्रैकिंग को बंद करें.
गैर जरूरी एक्सेस से बचें जब तक जरूरत न हो, ऐप्स को आपके फोटोज, माइक्रोफोन या कॉन्टैक्ट्स तक पहुंच न दें.
समय-समय पर चेक करें प्राइवेसी सेटिंग्स फोन और ऐप्स की प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर देखिए कि कौन-सा ऐप क्या एक्सेस कर रहा है. जरूरत हो तो तुरंत बदलिए.
आज के डिजिटल युग में सुविधाओं के साथ समझदारी जरूरी है. ऐप्स हमारे जीवन को आसान बनाते हैं, लेकिन बदले में हमारे डेटा पर नजर रखते हैं. इसलिए सावधानी और जागरूकता से ही आप अपनी डिजिटल प्राइवेसी की रक्षा कर सकते हैं.