गर्मियों की शुरुआत होते ही लोग अपने-अपने एयर कंडीशनर (AC) की सफाई और मरम्मत कराने लगते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि AC की सर्विसिंग सिर्फ गर्मी आने के बाद ही क्यों कराई जाती है? दरअसल, अधिकतर लोग नहीं जानते कि AC की सर्विसिंग का सही समय क्या होता है. अगर आप भी इसी उलझन में हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत काम की साबित हो सकती है.
AC को बेहतर ढंग से काम करते रहने के लिए उसकी सर्विसिंग समय-समय पर कराते रहना बेहद जरूरी है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, साल में कम से कम दो बार AC की सर्विसिंग करानी चाहिए. पहली गर्मियों की शुरुआत से पहले और दूसरी मानसून या सर्दियों से पहले. अगर आपका AC रोज़ाना चलता है और 600 से 700 घंटे तक ऑपरेट हो चुका है, तो अब उसकी सर्विसिंग का समय आ चुका है. लंबे समय तक चलने के बाद मशीन के अंदर मिट्टी और नमी जमा हो जाती है, जिससे उसकी कूलिंग कम होने लगती है और बिजली की खपत बढ़ जाती है.
अगर आप समय-समय पर AC की सर्विसिंग कराते हैं, तो गर्मी के मौसम में आपका AC बिना किसी रुकावट के ठंडी हवा देता रहेगा. साथ ही उसकी कार्यक्षमता बनी रहेगी. इसके अलावा, AC के फिल्टर को हर 15 से 20 दिनों में साफ करना चाहिए, ताकि उसमें धूल और गंदगी जमा न हो. यह न केवल कूलिंग में सुधार लाता है बल्कि स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से भी बचाता है.
सिर्फ सर्विसिंग ही नहीं, AC को कैसे चलाया जाए, यह भी उसकी परफॉर्मेंस पर असर डालता है. कोशिश करें कि AC को लगातार 10 से 12 घंटे तक न चलाएं. जब कमरे में पर्याप्त ठंडक हो जाए, तो AC बंद करके सीलिंग फैन चालू कर दें. इससे कमरे की ठंडक बनी रहती है और बिजली की भी बचत होती है.
अगर आप समय पर सर्विसिंग नहीं कराते हैं, तो इसके कई नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं. सबसे पहले, AC की कूलिंग क्षमता घटने लगती है, जिससे कमरे को ठंडा होने में ज्यादा वक्त लगता है. दूसरा, बिना सर्विसिंग के AC ज्यादा बिजली खपत करता है, जिससे बिजली का बिल बढ़ सकता है. इसके अलावा, फिल्टर में जमी धूल से एलर्जी या सांस की समस्या भी हो सकती है. लंबे समय तक सर्विसिंग न कराने पर कंप्रेसर खराब हो सकता है, जो एक महंगा खर्च बन सकता है.