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कौन होगा UP Police का नया BOSS? प्रशांत कुमार की विदाई से पहले पांच IPS अफसरों के नामों पर चर्चाएं तेज़

उत्तर प्रदेश पुलिस को जल्द ही नया डीजीपी मिलने वाला है. मौजूदा कार्यवाहक पुलिस प्रमुख प्रशांत कुमार 31 मई 2025 को रिटायर हो रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अब तक न तो किसी नाम पर मुहर लगी है और न ही केंद्र को डीजीपी पैनल भेजा गया है.

👤 Sagar 26 May 2025 11:49 AM

उत्तर प्रदेश पुलिस को जल्द ही नया डीजीपी मिलने वाला है. मौजूदा कार्यवाहक पुलिस प्रमुख प्रशांत कुमार 31 मई 2025 को रिटायर हो रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अब तक न तो किसी नाम पर मुहर लगी है और न ही केंद्र को डीजीपी पैनल भेजा गया है. ऐसे में सवाल उठ रहा है- क्या यूपी को नया स्थायी डीजीपी मिलेगा, या एक बार फिर प्रशांत कुमार को सेवा विस्तार देकर फॉर्मल अपॉइंटमेंट टाल दी जाएगी?


राज्य सरकार के पास दो ही रास्ते हैं -

1) नया डीजीपी नियुक्त किया जाए

2) प्रशांत कुमार को एक्सटेंशन दिया जाए

लेकिन जिस तरह चयन प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, उससे सेवा विस्तार की संभावना मजबूत मानी जा रही है.

रेस में कौन-कौन हैं आगे?

यूपी कैडर के जिन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम फिलहाल चर्चाओं में हैं, उनमें से अधिकतर 1990–1992 बैच से आते हैं-

1.  संदीप सालुंके (1990 बैच) मौजूदा पद- डीजी, मानवाधिकार, हालात- संगठन में किनारे किए गए हैं. ‘शंट’ पोस्टिंग मानी जा रही है. चांस- कमज़ोर

2. दलजीत चौधरी (1990 बैच) मौजूदा पद-डीजी, बीएसएफ, हालात: केंद्र में तैनात हैं, और वहीं उनकी ज़रूरत बताई जा रही है. चांस-सीमित

3. रेणुका मिश्रा (1990 बैच) मौजूदा स्थिति: पेपर लीक मामले के बाद प्रभाव घटा- चांस: बहुत कम

4.  एम.के. विशाल (1990 बैच) मौजूदा पद: यूपी पॉवर कॉरपोरेशन, हालात: कम प्रोफाइल, लेकिन कम विवादित चांस: बैकअप विकल्प

5. आलोक शर्मा (1991 बैच)मौजूदा पद-डीजी, एसपीजीहाइलाइट: योगी राज में लंबे समय तक केंद्र में तैनाती, भरोसेमंद चांस: सबसे मजबूत दावेदार

6. दीपेश जुनेजा (1992 बैच)मौजूदा पद: डीजी, प्रॉसीक्यूशन- चांस: बहुत कम

 2 साल से कार्यवाहक मॉडल- अब तक स्थायी डीजीपी क्यों नहीं? मई 2022 में मुकुल गोयल को हटाए जाने के बाद से यूपी पुलिस को कोई पूर्णकालिक डीजीपी नहीं मिला. तब से प्रशांत कुमार बतौर कार्यवाहक डीजीपी काम देख रहे हैं. सरकार ने हाल ही में नई नियमावली पास की है जिसमें डीजीपी चयन के लिए

हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में

5 सदस्यीय समिति बनाई जानी है. इसमें UPSC, UPPSC के प्रतिनिधि, प्रमुख सचिव गृह और एक पूर्व DGP भी होंगे. लेकिन अब तक ये समिति अस्तित्व में नहीं आई है. सीएम का दिल्ली दौरा - क्या DGP चयन पर चर्चा हुई? हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी से नीति आयोग की बैठक में मुलाकात की. इस मीटिंग को डीजीपी नियुक्ति से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन केंद्र को अब तक कोई औपचारिक पैनल नहीं भेजा गया है.

31 मई को होगा फैसला?

प्रशांत कुमार की रिटायरमेंट में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं। सूत्रों के मुताबिक सरकार, या तो किसी वरिष्ठ आईपीएस अफसर को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त कर सकती है, या फिर प्रशांत कुमार को कुछ महीने का सेवा विस्तार मिल सकता है. जब तक नई चयन समिति औपचारिक रूप से काम शुरू नहीं करती, स्थायी डीजीपी की नियुक्ति फिलहाल टलती दिख रही है.