देश में गिग वर्कर्स के हक की लड़ाई को लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने केंद्र सरकार के एक फैसले का खुले मंच से स्वागत किया है। उन्होंने इसे लाखों गिग वर्कर्स के संघर्ष की जीत बताया और कहा कि यह दिन उनके जीवन और काम करने की परिस्थितियों को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
राघव चड्ढा ने कहा, “आज देश के तमाम गिग वर्कर्स के लिए बहुत बड़ा दिन है। यह उनके संघर्ष की जीत है। यह फैसला उनके काम करने की स्थिति, सुरक्षा, संरक्षा और गरिमा को सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा।”
उन्होंने इस फैसले के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि भले ही गिग वर्कर्स की आवाज बड़ी कंपनियों के मैनेजमेंट तक नहीं पहुंच पाई, लेकिन सरकार ने उनकी बात सुनी और उस पर कार्रवाई की।
राघव चड्ढा ने साफ कहा कि 10 मिनट की डिलीवरी व्यवस्था सिर्फ एक चुनौती नहीं, बल्कि कई मामलों में गिग वर्कर्स के लिए “जुल्म” बन चुकी है। उन्होंने बताया कि इस दबाव के चलते डिलीवरी राइडर्स को कम वेतन में, असुरक्षित हालात में और मानसिक तनाव के साथ काम करना पड़ता है।
आप सांसद ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को संसद के शीतकालीन सत्र में भी उठाया था। इसके अलावा, पिछले दो महीनों में उन्होंने सैकड़ों डिलीवरी राइडर्स से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। इन बातचीतों से यह साफ हुआ कि राइडर्स लगातार दबाव में काम कर रहे हैं और तेज़ डिलीवरी की होड़ ने उनकी जिंदगी मुश्किल बना दी है।
राघव चड्ढा ने कहा कि केंद्र सरकार के दखल के बाद ब्लिंकिट जैसी क्विक कॉमर्स कंपनियां अब “10 मिनट डिलीवरी” की ब्रांडिंग हटाने जा रही हैं। उन्होंने इसे गिग वर्कर्स की सामूहिक आवाज की जीत बताया।
उन्होंने यह भी साफ किया कि यह अभियान किसी कंपनी, बिज़नेस या स्टार्टअप के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि “हम इंडस्ट्री के समर्थक हैं, बिज़नेस और इनोवेशन के समर्थक हैं, लेकिन शोषण का समर्थन कभी नहीं कर सकते।”