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1 अप्रैल से लगा बड़ा झटका! पंजाब में टोल टैक्स बढ़ा, बिना FASTag वालों की अब नहीं होगी एंट्री

Punjab toll tax increase: 1 अप्रैल से पंजाब में टोल टैक्स की नई दरें लागू होने के बाद सफर महंगा हो गया है। NHAI ने सभी टोल प्लाजा पर शुल्क में बढ़ोतरी की है, जिसमें लाडोवाल टोल प्लाजा भी शामिल है।

👤 Ashwani Kumar 01 Apr 2026 11:46 AM

Punjab Toll Tax: पंजाब में वाहन चालकों के लिए एक बड़ा झटका सामने आया है। 1 अप्रैल से राज्य में सफर करना पहले से ज्यादा महंगा हो गया है, क्योंकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने टोल टैक्स की नई दरें लागू कर दी हैं। इन नए रेट्स के लागू होने के बाद राज्य के लगभग सभी टोल प्लाजा पर शुल्क में वृद्धि देखी गई है, जिससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है।

टोल दरों में बढ़ोतरी का असर

नई दरों के अनुसार, पंजाब के अधिकांश टोल प्लाजा पर कम से कम 5 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी भले ही छोटी नजर आए, लेकिन रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए यह एक बड़ा खर्च बन सकती है। खासकर उन लोगों के लिए जो रोजाना काम या व्यवसाय के लिए हाईवे का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अब पहले से अधिक पैसे चुकाने होंगे।

लाडोवाल टोल प्लाजा सबसे महंगा

पंजाब का लाडोवाल टोल प्लाजा पहले से ही देश के महंगे टोल प्लाजा में गिना जाता है और अब यहां भी दरों में इजाफा किया गया है। पहले कार और जीप चालकों को एक तरफ का सफर करने के लिए 220 रुपये चुकाने पड़ते थे, जो अब बढ़कर 225 रुपये हो गए हैं। वहीं, आने-जाने यानी राउंड ट्रिप के लिए पहले 335 रुपये देने होते थे, जो अब बढ़कर 340 रुपये कर दिए गए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद यहां से गुजरने वाले लोगों को और ज्यादा खर्च उठाना पड़ेगा।

अब केवल FASTag से ही भुगतान

1 अप्रैल से एक और बड़ा बदलाव लागू किया गया है। अब लाडोवाल टोल प्लाजा पर कैश भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। सभी वाहन चालकों को अब केवल FASTag के जरिए ही टोल टैक्स देना होगा। यदि किसी वाहन पर FASTag नहीं लगा होगा, तो उसे टोल प्लाजा से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे में बिना FASTag वाले चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। टोल टैक्स में बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। रोजाना यात्रा करने वाले लोगों का खर्च बढ़ेगा, जिससे महंगाई का असर और ज्यादा महसूस होगा।

सरकार और NHAI का मानना है कि यह बदलाव बेहतर सड़क सुविधाओं और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए किया गया है, लेकिन आम लोगों के लिए यह फैसला फिलहाल महंगा साबित हो रहा है।