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6 मिनट में फरिश्ता बनकर पहुंची SSF! दो साल में 940 जानें बचीं, पंजाब में हादसों का ग्राफ आधा हुआ, जानें

Punjab News: पंजाब सरकार की सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) ने अपने दो साल पूरे कर लिए हैं. इस दौरान SSF ने औसतन 6 मिनट में मौके पर पहुंचकर 940 से ज्यादा लोगों की जान बचाई है. 2023 के मुकाबले 2024 में सड़क हादसों में ऑन-द-स्पॉट मौतें करीब 50 फीसदी तक कम हुई हैं.

👤 Ashwani Kumar 03 Feb 2026 02:39 PM

पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा शुरू की गई सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) ने अपने संचालन के दो साल पूरे कर लिए हैं. मुख्यमंत्री भगवंत मान की इस पहल ने प्रदेश की सड़कों और हाईवे पर सुरक्षा का भरोसा मजबूत किया है. जहां पहले सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या डराने वाली थी, वहीं अब हालात में बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है.

ऑन-द-स्पॉट मौतों में बड़ी गिरावट

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2023 में पंजाब के हाईवे पर 1,955 लोगों की मौके पर ही मौत हुई थी. वहीं 2024 में यह संख्या घटकर 1,016 रह गई. यानी करीब 50 फीसदी तक की कमी दर्ज की गई है. यह बदलाव अपने आप में बताता है कि समय पर मदद कितनी जरूरी होती है. SSF की तैनाती के बाद अब हादसे के तुरंत बाद राहत पहुंचना संभव हो पाया है.

6 मिनट में मौके पर पहुंच रही है मदद

सड़क सुरक्षा फोर्स की सबसे बड़ी ताकत है उसका तेज रिस्पॉन्स टाइम. जैसे ही किसी सड़क हादसे की सूचना मिलती है, SSF की टीम औसतन 6 से 6.5 मिनट में मौके पर पहुंच जाती है. यही वजह है कि अब तक यह फोर्स 940 से ज्यादा लोगों की जान बचा चुकी है. कई ऐसे लोग, जो समय पर इलाज न मिलने से दम तोड़ सकते थे, आज अपने परिवार के साथ सुरक्षित जीवन जी रहे हैं.

हर 30 किलोमीटर पर तैनाती, 1500 जवान मैदान में

फिलहाल SSF में करीब 1500 प्रशिक्षित कर्मचारी तैनात हैं. इन्हें इस तरह से तैनात किया गया है कि हर 30 किलोमीटर पर एक टीम मौजूद रहे. इससे किसी भी आपात स्थिति में दूरी बाधा नहीं बनती. हाईवे पर सफर करने वाले लोग अब SSF की गाड़ियों को देखकर खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं.

AI तकनीक और आधुनिक उपकरणों से लैस फोर्स

सड़क सुरक्षा फोर्स सिर्फ एक आम पेट्रोलिंग टीम नहीं है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक से लैस एक एडवांस यूनिट है. SSF की गाड़ियों में कटर, फर्स्ट एड किट और रेस्क्यू टूल्स मौजूद रहते हैं, जिससे एक्सीडेंट में फंसे लोगों को तुरंत बाहर निकाला जा सके. इसके साथ ही यह फोर्स AI तकनीक और मजबूत बैकएंड सिस्टम की मदद से काम करती है, जिससे अलर्ट और लोकेशन तुरंत टीम तक पहुंचती है.

हादसों के साथ अपराध पर भी लगाम

SSF की मौजूदगी का असर सिर्फ सड़क हादसों तक सीमित नहीं रहा. हाईवे पर लगातार गश्त की वजह से लूट, चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी कमी आई है. देर रात सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह फोर्स भरोसे का दूसरा नाम बन गई है.

सरकार का दावा, लोगों की जान सबसे कीमती

आम आदमी पार्टी सरकार का कहना है कि सड़क सुरक्षा फोर्स इस सोच से बनाई गई है कि लोगों की जान सबसे कीमती है. लंबे समय से पंजाब को ऐसी व्यवस्था की जरूरत थी, जो सिर्फ नियम बनाए नहीं, बल्कि वक्त पर मदद भी पहुंचाए. दो साल के आंकड़े यह साबित करते हैं कि SSF ने जमीन पर उतरकर काम किया है.

आगे और मजबूत होगी SSF

सरकार का दावा है कि आने वाले समय में SSF को और मजबूत किया जाएगा, ताकि सड़क हादसों में होने वाली मौतों को और कम किया जा सके. अगर यही रफ्तार बनी रही, तो पंजाब जल्द ही सड़क सुरक्षा के मामले में देश के लिए एक मिसाल बन सकता है.