पंजाब में अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस एक बार फिर बड़े स्तर पर कार्रवाई करने जा रही है. राज्य में गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार का दूसरा चरण अब शुरू होने जा रहा है. पंजाब पुलिस द्वारा ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत वांटेड और सक्रिय अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है, जो लगातार 72 घंटे तक चलेगा.
इस अभियान को लेकर पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने चंडीगढ़ स्थित पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर अहम जानकारी साझा की. डीजीपी ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार 2.0 के दौरान राज्यभर में करीब 12 हजार पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे. अभियान का मुख्य उद्देश्य गैंगस्टरों, उनके नेटवर्क और आपराधिक गतिविधियों पर निर्णायक प्रहार करना है.
डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, अभियान की निगरानी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है. संवेदनशील और कोर एरिया में पुलिस बल की संख्या बढ़ाई जाएगी. थानों में एक्सट्रा स्टाफ की तैनाती के साथ-साथ फील्ड में सीनियर अधिकारियों की नियमित विजिट सुनिश्चित की जाएगी. उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी, ताकि कार्रवाई पूरी तरह प्रभावी और पारदर्शी रहे.
इससे पहले अमृतसर में चलाए गए विशेष ऑपरेशन के नतीजे भी सामने आए हैं. अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 20 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक चले विशेष अभियान के दौरान कुल 631 छापेमारी की गई, जिसमें 269 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार किए गए लोगों में 9 गैंगस्टरों के सहयोगी, 4 गैंगस्टरों के रिश्तेदार और 256 अन्य आपराधिक मामलों में शामिल आरोपी शामिल हैं.
पुलिस ने कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए 479 लोगों के खिलाफ प्रिवेंटिव कार्रवाई भी की. इसके अलावा 19 घोषित अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया. अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए 15 ट्रैवल एजेंटों और गन हाउस की गहन जांच की गई.
इस अभियान के दौरान भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद हुई है. पुलिस ने 21 पिस्तौल, एक बंदूक, 70 जिंदा कारतूस, 1280 गोलियां, करीब 2 किलो 989 ग्राम हेरोइन, 8.66 लाख रुपये की ड्रग मनी, 204 ग्राम सोना और 74 बोतल अवैध शराब जब्त की है. इसके साथ ही कई वाहन, मोबाइल फोन और हथियारनुमा सामान भी कब्जे में लिया गया है.
पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि शहर और राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नशे और अवैध हथियारों की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए ऐसे खुफिया जानकारी आधारित अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे.