Punjab News: पंजाब के मुक्तसर साहिब जिले से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने राज्य की कानून-व्यवस्था और गैंगस्टर नेटवर्क पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. वर्ष 2024 में दर्ज जबरन वसूली के एक मामले में विदेश में रह रहे कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के माता-पिता को पुलिस ने 26 जनवरी को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई एक स्थानीय व्यक्ति की शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी.
मुक्तसर साहिब के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अभिमन्यु राणा के मुताबिक, गोल्डी बराड़ के पिता शमशेर सिंह और माता प्रीतपाल कौर को एफआईआर संख्या 233, दिनांक 3 दिसंबर 2024 के तहत गिरफ्तार किया गया है. दोनों आरोपी कोटकपूरा रोड स्थित आदेश नगर, गली नंबर-1, सेक्टर नंबर-1, मुक्तसर साहिब के निवासी हैं. हालांकि, पुलिस का कहना है कि परिवार का मूल निवास फरीदकोट जिले में है और मुक्तसर में उनका एक मकान है. इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(4), 351(1) और 351(3) के तहत केस दर्ज किया गया है, जो रंगदारी और धमकी से जुड़ी गंभीर धाराएं हैं.
इस केस के शिकायतकर्ता सतनाम सिंह हैं, जो गांव उदेकरन के निवासी हैं और पिछले 33 वर्षों से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे हैं. वर्तमान में वे सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बठिंडा रोड, मुक्तसर साहिब में एसएलए के पद पर तैनात हैं. सतनाम सिंह ने पुलिस को बताया कि 27 नवंबर 2024 को ड्यूटी के दौरान उन्हें एक विदेशी व्हाट्सएप नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को बंबीहा ग्रुप का सदस्य बताया और उनकी पहचान की पुष्टि करने के बाद 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी.
आरोपी ने रकम न देने पर जान से मारने की धमकी दी और यह भी दावा किया कि उसे सतनाम सिंह के परिवार और उनके घर की पूरी जानकारी है. पीड़ित के अनुसार, उसी दिन उन्हें तीन और धमकी भरी कॉल आईं, जिससे वे काफी भयभीत हो गए. इसके बाद 3 दिसंबर को आई कॉल को उन्होंने रिसीव नहीं किया और परिवार से सलाह लेकर अपने भाई गुरसेवक सिंह के साथ थाना सदर पहुंचे.
जैसे ही शिकायत दर्ज हुई, पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी. जांच में गोल्डी के माता-पिता की भूमिका सामने आई और फिर उन्हें अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने बताया कि ये दोनों दरबार साहिब के पास एक होटल में ठहरे हुए थे और जल्दी ही उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा.
पुलिस का कहना है कि उस समय बंबीहा गैंग और गोल्डी बराड़ एक साथ काम कर रहे थे. जांच में ये भी पता चला कि माता-पिता के पास कोई स्थायी आमदनी का स्रोत नहीं था और वे ज्यादातर फिरौती के पैसों पर ही निर्भर थे. अभी पुलिस इस साजिश में शामिल बाकी लोगों की भूमिका की भी पूरी जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके.