पंजाब सरकार ने कृषि विभाग में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की शुरुआत की है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने गुणवत्ता नियंत्रण अभियान के लक्ष्यों को पूरा न करने वाले सात जिलों के मुख्य कृषि अधिकारियों (सी.ए.ओ.) को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया है।
यह कदम कैबिनेट मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां के निर्देश पर उठाया गया है। मंत्री ने हाल ही में विभाग को निर्देश दिए थे कि जो अधिकारी गुणवत्ता अभियान में पिछड़ रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके अगले ही दिन यह नोटिस जारी कर दिए गए।
जिन जिलों के अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, उनमें कपूरथला, बरनाला, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, तरनतारन, संगरूर और होशियारपुर शामिल हैं। इन अधिकारियों को सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। अगर तय समय में जवाब नहीं मिलता, तो उनके खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग के प्रशासनिक सचिव डॉ. बसंत गर्ग ने इन अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने पहले ही साफ किया है कि कर्तव्य में लापरवाही के प्रति "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाई जाएगी। इसी नीति के तहत गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि काम में ढिलाई करने वाले अफसरों की जवाबदेही तय की जाएगी और उन्हें दंडित भी किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि किसानों के हक की सुरक्षा के लिए विभाग ने 5 फ्लाइंग स्क्वाड टीमों का गठन किया है। ये टीमें राज्यभर में बीज, खाद और कीटनाशकों की दुकानों की नियमित जांच और निगरानी करेंगी, जिससे किसानों को घटिया या नकली उत्पादों से बचाया जा सके।
स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने किसानों से अपील की कि वे हर खरीदारी पर पक्का बिल जरूर लें। अगर कोई दुकानदार बिल देने से इनकार करता है या खराब उत्पाद देता है, तो उसकी शिकायत तुरंत जिले के कृषि कार्यालय में करें ताकि उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।
यह कदम पंजाब सरकार की प्रशासनिक सख्ती और किसानों की भलाई के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।