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पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: लापरवाह आंगनवाड़ी केंद्रों पर होगी कार्रवाई

पंजाब सरकार ने राज्य में आंगनवाड़ी केंद्रों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाही बरतने वाले केंद्रों पर कार्रवाई करने का फैसला लिया है।

👤 Saurabh 19 Jun 2025 06:37 PM

पंजाब में बच्चों और महिलाओं के पोषण, देखभाल और शिक्षा से जुड़े आंगनवाड़ी केंद्रों को अब सरकार की कड़ी निगरानी से गुजरना होगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने साफ शब्दों में कहा है कि जो आंगनवाड़ी केंद्र समय पर नहीं खुलते या जिनकी सेवाएं कमजोर हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का यह कदम राज्य में सामाजिक कल्याण योजनाओं को प्रभावशाली ढंग से लागू करने की दिशा में एक बड़ा और साहसी फैसला माना जा रहा है।

समाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार हर वर्ग विशेषकर महिलाओं, बुज़ुर्गों और बच्चों की भलाई के लिए गंभीर और निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उस समाज के गरीब, बुज़ुर्ग और नारी वर्ग की सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा पर निर्भर करती है। मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पारदर्शिता से और समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए।

आज यहां किसान भवन में विभागीय अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. बलजीत कौर ने आंगनवाड़ी केंद्रों, 'अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन', मिशन वात्सल्य के तहत चलाई जा रही बाल भिक्षावृत्ति मुक्ति मुहिम, पोषण ट्रैकर कार्य, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की रिक्त पदों की स्थिति, मगनरेगा के तहत आंगनवाड़ी भवनों और शौचालयों के निर्माण से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष आंगनवाड़ी केंद्रों और शौचालयों का कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जाए।

डॉ. बलजीत कौर ने आदेश दिए कि आंगनवाड़ी केंद्रों की दैनिक मॉनिटरिंग करना प्रत्येक ज़िला अधिकारी की ज़िम्मेदारी है। जो केंद्र नियमित रूप से नहीं खुल रहे हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने पोषण ट्रैकर ऐप के अधूरे कार्य को जल्द पूरा करके लागू करने और आंगनवाड़ी केंद्रों के उन्नयन में गति लाने के निर्देश भी दिए। मंत्री ने मिशन वात्सल्य के तहत चल रही बाल भिक्षावृत्ति मुक्ति और पुनर्वास मुहिम का नेतृत्व निजी तौर पर करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य में कार्यरत स्पेशलाइज़्ड अडॉप्शन एजेंसियों के काम की समीक्षा करते हुए पिछले तीन वर्षों में हुई अडॉप्शन की विस्तृत जानकारी भी ली।

बैठक के दौरान डॉ. बलजीत कौर ने विभाग के निदेशक को निर्देश दिए कि जो अधिकारी अपनी ज़िम्मेदारियों का उत्कृष्ट निर्वहन कर रहे हैं, उन्हें विभाग की ओर से प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाए, ताकि अन्य अधिकारियों में भी उत्साह बढ़े। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि जिन ज़िला अधिकारियों का कार्य प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई अवश्य की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई लापरवाही न रह जाए।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार महिला सशक्तिकरण, बुज़ुर्गों की देखभाल और बाल विकास के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास समृद्ध पंजाब के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस बैठक में विभाग की विशेष मुख्य सचिव श्रीमती राजी.पी. श्रीवास्तव, निदेशक डॉ. शेना अग्रवाल, विशेष सचिव केशव हिंगोनिया, अतिरिक्त सचिव विम्मी भुल्लर, संयुक्त सचिव आनंद सागर शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।