Budget : केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर पंजाब कांग्रेस ने कड़ी नाराजगी जताई है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने इस बजट को “बेहद निराशाजनक” बताते हुए कहा कि इसमें न तो पंजाब के हितों का ध्यान रखा गया और न ही आम आदमी की असली समस्याओं को गंभीरता से समझा गया।
उनका कहना है कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों और बड़े-बड़े दावों तक सीमित रह गया है, जबकि जमीन पर जनता जिन परेशानियों से जूझ रही है, उन पर कोई ठोस समाधान नहीं दिया गया।
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए राजा वारिंग ने कहा कि आम नागरिक बजट की जटिल भाषा और आर्थिक शब्दावली को ठीक से समझ भी नहीं पाता। उसके लिए सबसे बड़ी चिंता रोजमर्रा की ज़िंदगी से जुड़ी होती है- जैसे खाने-पीने की चीज़ों की बढ़ती कीमतें, महंगाई, बेरोजगारी और घटती आय।
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात यह है कि बजट में इन बुनियादी मुद्दों पर कोई ठोस चर्चा नहीं की गई। न महंगाई से राहत का कोई स्पष्ट रोडमैप है और न ही आम लोगों की आय बढ़ाने को लेकर कोई ठोस योजना दिखाई देती है।
राजा वारिंग ने सबसे बड़ा आरोप यह लगाया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने पूरे बजट भाषण में पंजाब का एक बार भी ज़िक्र नहीं किया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, खासकर तब जब उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरु रविदास जयंती के अवसर पर पंजाब के दौरे पर थे।
कांग्रेस अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा, “एक तरफ प्रधानमंत्री पंजाब आकर बड़े-बड़े दावे कर रहे थे, दूसरी तरफ संसद के अंदर उनकी ही वित्त मंत्री उन दावों को झूठा साबित कर रही थीं।”
उनका कहना था कि यदि केंद्र सरकार पंजाब को लेकर गंभीर होती, तो बजट में राज्य के लिए कम से कम किसी योजना या परियोजना की घोषणा ज़रूर होती।
राजा वारिंग ने यह भी कहा कि जब प्रधानमंत्री गुरु रविदास जयंती के मौके पर पंजाब में मौजूद थे, तो केंद्र सरकार को गुरु रविदास के नाम पर एक विश्वविद्यालय की घोषणा करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ पंजाब बल्कि देशभर के अनुसूचित वर्गों के लिए एक सम्मानजनक कदम होता।
लेकिन ऐसा कोई ऐलान न होने से यह साफ हो गया कि केंद्र सरकार के लिए पंजाब प्राथमिकता में नहीं है।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों की सबसे बड़ी मांग फसलों पर कानूनी गारंटीकृत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को एक बार फिर नजरअंदाज कर दिया गया।
राजा वारिंग ने कहा कि अगर सरकार चाहती, तो बजट के जरिए इस लंबे समय से लंबित वादे को पूरा कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
राजा वारिंग ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बजट आर्थिक दस्तावेज कम और चुनावी भाषण ज्यादा लग रहा है। उनका कहना था कि आने वाले पांच राज्यों के चुनावों को ध्यान में रखकर बजट तैयार किया गया है, न कि देश की वास्तविक आर्थिक ज़रूरतों को देखकर।
गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। उन्होंने बजट को “युवाशक्ति से प्रेरित” बताया और कहा कि यह “तीन कर्तव्यों” पर आधारित है।
बजट में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और अगले पांच वर्षों में 20 राष्ट्रीय जलमार्गों को चालू करने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, पंजाब कांग्रेस का मानना है कि इन घोषणाओं में भी पंजाब के लिए कुछ साफ नहीं है।