Budget 2026: केंद्र सरकार ने बजट 2026 में क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए बायो-मिक्स CNG को लेकर अहम कदम उठाया है. सरकार का मानना है कि भविष्य में ऊर्जा की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए पारंपरिक ईंधन की बजाय पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाना जरूरी है. इसी दिशा में बायो-मिक्स CNG को बढ़ावा देने के लिए अब टैक्स में राहत दी जाएगी.
बायो-मिक्स CNG, कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और बायोगैस का मिश्रण होता है. बायोगैस गोबर, कृषि अवशेष, जैविक कचरे और अन्य ऑर्गेनिक वेस्ट से तैयार की जाती है. इसे प्रोसेस करके कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) बनाया जाता है. जब इस CBG को CNG में मिलाया जाता है, तो इसे बायो-मिक्स CNG कहा जाता है. यह ईंधन पारंपरिक CNG की तुलना में ज्यादा साफ-सुथरा और पर्यावरण के लिए बेहतर माना जाता है.
सरकार ने बजट में बायो-मिक्स CNG को बढ़ावा देने के लिए टैक्स से जुड़ी अहम छूट की घोषणा की है. अब CNG में मिलाई जाने वाली बायोगैस की कीमत पर एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी. इसका मतलब है कि बायो-मिक्स CNG में मौजूद बायोगैस के हिस्से पर टैक्स नहीं लगेगा, जिससे कुल लागत कम होगी.
इससे फ्यूल कंपनियों को बायोगैस इस्तेमाल करने की प्रेरणा मिलेगी और निवेशक इस सेक्टर में अधिक रुचि दिखा सकते हैं. साथ ही, टैक्स छूट का फायदा सीधे उपभोक्ताओं को भी मिल सकता है, क्योंकि फ्यूल की कीमतें कम हो सकती हैं.
बायो-मिक्स CNG का सबसे बड़ा फायदा ये है कि ये प्रदूषण को कम करने में मदद करता है. बायोगैस एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है और इसके इस्तेमाल से कार्बन उत्सर्जन घटता है. इससे हवा की गुणवत्ता बेहतर होती है और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी समस्याओं से निपटने में मदद मिलती है.
इस तरह, बायो-मिक्स CNG केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं और उद्योगों के लिए भी लाभकारी साबित हो सकता है.
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