Punjab News: पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य में मेडिकल कॉलेजों के मुद्दे को लेकर सरकार को घेर लिया। बाजवा ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले कई सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जब भी इस मुद्दे पर सवाल उठाया जाता है, तो सरकार की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। इस मामले को लेकर सदन में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने पहले 16 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। लेकिन हकीकत यह है कि अब तक इनमें से किसी भी कॉलेज पर काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने इन कॉलेजों की संभावित लोकेशन तक सार्वजनिक नहीं की है।
बाजवा के मुताबिक अगर सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए गंभीर होती, तो अब तक इन प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो जाना चाहिए था।
सदन की कार्यवाही के दौरान जब आम आदमी पार्टी के नेता अमन अरोड़ा ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी, तो प्रताप सिंह बाजवा ने इस पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह सवाल स्वास्थ्य मंत्री से जुड़ा हुआ है, इसलिए जवाब देने का अधिकार भी उन्हीं के पास होना चाहिए। बाजवा ने सवाल उठाया कि अमन अरोड़ा इस मामले में क्यों बोल रहे हैं और वह किस आधार पर सरकार का पक्ष रख रहे हैं। बाजवा ने यह भी कहा कि विधानसभा की कार्यवाही में कुछ नियम और मर्यादाएं होती हैं, जिनका पालन करना जरूरी है।
उनके मुताबिक अगर किसी सवाल का जवाब देने के लिए स्वास्थ्य मंत्री को कहा गया है, तो वही मंत्री जवाब दें। यदि वह जवाब देने में असमर्थ हैं, तो केवल मुख्यमंत्री को बोलने का अधिकार होना चाहिए।
इस मुद्दे को लेकर सदन में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिससे कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित भी हुई। इस पूरे घटनाक्रम के कारण बजट सत्र की कार्यवाही के दौरान राजनीतिक गर्माहट साफ दिखाई दी।