पंजाब की राजनीति में उस समय बड़ा हलचल मच गई, जब कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कांग्रेस से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। शनिवार को उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करते हुए पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनके इस फैसले को पंजाब की राजनीति में एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि वह ऐसी कांग्रेस पार्टी का हिस्सा नहीं रह सकतीं, जहां मेहनती और ईमानदार नेताओं की कोई सुनवाई नहीं होती और फैसले निजी स्वार्थों के आधार पर लिए जाते हैं।
इस्तीफे के साथ ही डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने पार्टी की मौजूदा लीडरशिप पर खुलकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है। पार्टी में न तो लोकतंत्र बचा है और न ही जमीनी कार्यकर्ताओं की कद्र की जाती है।
उनका कहना था कि पार्टी में अब वही लोग आगे बढ़ रहे हैं जो निजी फायदे के लिए समझौते करते हैं, जबकि सच्चे और समर्पित नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें अब तक का “सबसे भ्रष्ट और नुकसान पहुंचाने वाला अध्यक्ष” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजा वड़िंग ने अपने फायदे के लिए पार्टी को कमजोर किया और गलत लोगों को संरक्षण दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि राजा वड़िंग ने खुद को बचाने के लिए सत्ता पक्ष से अंदरूनी समझौते किए, जिससे कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ।
डॉ. सिद्धू ने दावा किया कि उनके खिलाफ सस्पेंशन लेटर पहले से तैयार रखा गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन नेताओं ने पार्टी विरोधी गतिविधियां कीं और नवजोत सिंह सिद्धू को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
उनका आरोप है कि कुछ नेताओं को जानबूझकर बड़े पद देकर पुरस्कृत किया गया, जबकि ईमानदार नेताओं को हाशिए पर डाल दिया गया।
भावुक अंदाज में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि उनके पास राजा वड़िंग के खिलाफ कई ठोस सबूत मौजूद हैं, लेकिन अब वह इन्हें उजागर नहीं करना चाहतीं क्योंकि उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी में सच्चाई की कोई जगह नहीं है, वहां लड़ने का कोई मतलब नहीं रह जाता।
डॉ. सिद्धू ने राजा वड़िंग पर सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत करने की बजाय सिर्फ रील्स बनाने में व्यस्त रहना गंभीर राजनीति नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं के सम्मान की बात करते हुए कहा कि सिद्धू को चाहने वाले हजारों कार्यकर्ताओं का अपमान किया गया है।
अंत में डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस को जिताने के बजाय कुछ नेता उसे खत्म करने में लगे हुए हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से आत्ममंथन करने की अपील करते हुए कहा कि अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो कांग्रेस को और बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा।
उनके इस फैसले के बाद अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आगे उनका राजनीतिक रुख क्या होगा और वे किस दल के साथ अपनी अगली राजनीतिक पारी शुरू करेंगी।