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पंजाब में जल्द ही लागू होगा हिंदू मंदिर एक्ट, CM मान ने किया एलान

हिंदू वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन महंत श्री रविकांत मुनि ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से राज्य में हिंदू मंदिर एक्ट लागू करने की मांग की है. इस एक्ट के माध्यम से हिंदू धार्मिक स्थलों का प्रबंधन स्वतंत्र रूप से हिंदू समुदाय द्वारा किया जा सकेगा.

👤 Sagar 18 May 2025 01:57 PM

पंजाब में हिंदू धार्मिक स्थलों के प्रबंधन को सरकारी हस्तक्षेप से मुक्त करने की मांग एक बार फिर सुर्खियों में है. हिंदू वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन महंत श्री रविकांत मुनि ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से आग्रह किया है कि राज्य में 'हिंदू मंदिर एक्ट' लागू किया जाए, जिससे मंदिरों का संचालन स्वतंत्र रूप से हो सके.


हिंदू वेलफेयर बोर्ड ने मुख्यमंत्री को सौंपा मांगपत्र

महंत रविकांत मुनि ने बताया कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सकारात्मक रुख अपनाया है और जल्द ही इस एक्ट का मसौदा तैयार करने का आश्वासन दिया है. इससे पहले भी, बोर्ड ने विभिन्न शहरों में 'भगवा चेतना रथ यात्राएं' और 'भगवा मार्च' आयोजित कर लोगों को जागरूक किया है. इन अभियानों के माध्यम से, उन्होंने सरकार से मंदिरों के प्रबंधन में हस्तक्षेप न करने की मांग की है.

हिंदू वेलफेयर बोर्ड का यह प्रयास 2012 से जारी है, जिसमें उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं से मुलाकात कर अपनी मांग रखी है. महंत रविकांत मुनि ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती, तो वे आगामी चुनावों में अपने प्रत्याशी उतारने या चुनाव बहिष्कार का रास्ता अपनाने पर विचार कर सकते हैं.

इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान का आश्वासन हिंदू समुदाय के लिए एक सकारात्मक संकेत है. अब देखना यह होगा कि सरकार इस दिशा में कितनी तेजी से कदम उठाती है और 'हिंदू मंदिर एक्ट' को लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाती है.

हिंदू मंदिर एक्ट क्या है?

पंजाब हिंदू मंदिर एक्ट एक प्रस्तावित कानून है जिसका उद्देश्य राज्य में हिंदू धार्मिक स्थलों के प्रबंधन को सरकारी हस्तक्षेप से मुक्त करना है. इस एक्ट के तहत मंदिरों की संपत्ति, पूजा-पद्धति और प्रशासनिक निर्णयों का नियंत्रण संबंधित पुजारियों, महंतों और स्थानीय धार्मिक समितियों के हाथ में रहेगा, जिससे वे स्वतंत्र रूप से अपने धार्मिक कार्यों का संचालन कर सकें.

इस कानून की मांग हिंदू वेलफेयर बोर्ड द्वारा 2012 से की जा रही है, जिसमें उन्होंने राज्य के विभिन्न शहरों में जागरूकता अभियान चलाए हैं. हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस एक्ट को लागू करने का आश्वासन दिया है, जिससे पंजाब के हिंदू समुदाय को अपने धार्मिक स्थलों के प्रबंधन में स्वायत्तता प्राप्त होगी.