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Atishi Video : AAP का दावा राजनीतिक बदले की कार्रवाई, दिल्ली विधानसभा ने पंजाब पुलिस से जवाब तलब किया

अतिशी से जुड़े कथित वीडियो मामले में आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है।

👤 Saurabh 06 Feb 2026 12:11 AM

दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर आम आदमी पार्टी को निशाने पर लेने का आरोप लगा है। अतिशी से जुड़े एक कथित वीडियो मामले में अब पंजाब के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब के तीन बड़े अधिकारियों को पत्र भेजकर 12 फरवरी से पहले लिखित जवाब देने के निर्देश दिए हैं।

किन अधिकारियों से मांगा गया जवाब

दिल्ली विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी पत्र में जिन अधिकारियों से जवाब मांगा गया है, उनमें शामिल हैं-

आलोक शेखर, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), पंजाब

गौरव यादव, पुलिस महानिदेशक (DGP), पंजाब

धनप्रीत कौर, पुलिस कमिश्नर, जालंधर

इन अधिकारियों से अतिशी के कथित वीडियो के आधार पर दर्ज FIR को लेकर जवाब मांगा गया है।

स्पीकर ने जताई आपत्ति

दिल्ली विधानसभा के स्पीकर ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि प्रथम दृष्टया (prima facie) यह मामला विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) और अवमानना (Contempt) का बनता है। स्पीकर का मानना है कि पंजाब पुलिस के कुछ कदम लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ दिखाई देते हैं।

दस्तावेज़ देने से इनकार पर सवाल

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, स्पीकर ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई, उनके जवाब और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज़ साझा करने से इनकार को ध्यान में रखते हुए यह निष्कर्ष निकाला है कि पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी है।

यह भी सामने आया है कि दिल्ली विधानसभा द्वारा पहले जो दस्तावेज़ मांगे गए थे, वे अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। जबकि DGP पंजाब ने 28 जनवरी को संबंधित दफ्तर को ये दस्तावेज़ भेजने के लिए पत्र लिखा था। इसके बावजूद अब तक जरूरी जानकारी नहीं मिली।

मामला विशेषाधिकार समिति को सौंपा गया

स्पीकर ने इस पूरे विवाद को दिल्ली विधानसभा की कमेटी ऑफ प्रिविलेजेज (Committee of Privileges) को सौंप दिया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह पंजाब पुलिस अधिकारियों के आचरण की गहराई से जांच करे और इस पर रिपोर्ट तैयार करे। यह जांच दिल्ली सरकार के कानून एवं न्याय मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर की जा रही है।

अतिशी पर लगाए गए आरोप

कपिल मिश्रा की शिकायत 2 फरवरी की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अतिशी ने सिख गुरुओं को लेकर कथित टिप्पणी की थी।

आम आदमी पार्टी का साफ कहना है कि अतिशी ने कभी भी सिख गुरुओं का अपमान नहीं किया, बल्कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है।

AAP का पक्ष: आवाज दबाने की कोशिश

आम आदमी पार्टी का मानना है कि जब-जब पार्टी सवाल उठाती है या केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला करती है, तब-तब इस तरह के मामले सामने लाए जाते हैं। पार्टी का कहना है कि अतिशी एक पढ़ी-लिखी, संवेदनशील और जिम्मेदार नेता हैं, जिन्होंने हमेशा सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान किया है।

AAP नेताओं का कहना है कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।

12 फरवरी तक मांगा गया जवाब

दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने साफ किया है कि अब पंजाब के अधिकारियों को 12 फरवरी तक न सिर्फ अपना लिखित जवाब देना होगा, बल्कि वे सभी दस्तावेज़ भी सौंपने होंगे, जो पहले मांगे गए थे।

आगे क्या होगा?

कमेटी ऑफ प्रिविलेजेज पूरे मामले की जांच करेगी और स्पीकर के निर्देशों के अनुसार अपनी रिपोर्ट दिल्ली विधानसभा में पेश करेगी। इसके बाद ही तय होगा कि आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।