Punjab Assembly Election 2026: कांग्रेस की पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को सीधे तौर पर निशाने पर लिया है. डॉ. सिद्धू, जो अब कांग्रेस छोड़ चुकी हैं, ने कहा कि राहुल गांधी जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटे हुए हैं. उनका कहना है कि कांग्रेस के वर्तमान प्रबंधन से पंजाब में पार्टी की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है.
कोयंबटूर में एएनआई से बातचीत में नवजोत कौर ने बताया कि राहुल गांधी अच्छी बातें करते हैं और समझदारी की बातें करते हैं, लेकिन जो वे कहते हैं और जो करते हैं, उसमें बहुत फर्क है. डॉ. सिद्धू ने कहा कि पिछले आठ महीनों से उन्होंने राहुल गांधी से मिलने की कोशिश की ताकि उन्हें बताया जा सके कि पंजाब में पार्टी का हाल बहुत खराब है. उनका आरोप है कि पार्टी के लोग पहले ही टिकट बेच चुके हैं और राहुल गांधी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. उन्होंने साफ कहा, “अगर आपको पता नहीं है कि आपके नीचे क्या हो रहा है, तो मुझे माफ करना. आप उस कुर्सी के लायक नहीं हैं.”
डॉ. सिद्धू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के आस-पास के लोग भ्रष्ट हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने पंजाब के लिए बहुत कुछ छोड़ दिया, लेकिन उन्हें डिप्टी सीएम या एमपी बनने का जो वादा किया गया था, वह पूरा नहीं हुआ. इसके बजाय उन्हें केवल लोकल बॉडी और टूरिज्म विभाग दिया गया. डॉ. सिद्धू का कहना है कि करप्शन के खिलाफ बात करना आसान है, लेकिन यदि आपके अपने लोग भ्रष्ट हैं और ईमानदार लोगों को सुनने का समय नहीं है, तो पंजाब में पार्टी की जीत मुश्किल है.
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सिद्धू दंपती की भाजपा में संभावित घर वापसी की चर्चा जोर पकड़ रही है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व ने इस पर खाका तैयार कर लिया है और इस माह के अंत तक अंतिम फैसला हो सकता है. प्रारंभिक बातचीत पहले ही हो चुकी है.
सूत्रों का कहना है कि नवजोत कौर और नवजोत सिंह सिद्धू लगातार कांग्रेस पर हमलावर हैं और प्रधानमंत्री की सार्वजनिक सराहना भी कर रहे हैं. यह कदम सियासी अटकलों को और तेज कर रहा है.
बताया गया है कि भाजपा नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया जैसे नेताओं से बातचीत करेगा, जो सिद्धू की वापसी के पक्ष में नहीं हैं. बावजूद इसके, राज्य इकाई के विरोध का असर सीमित माना जा रहा है. पार्टी के भीतर यह भी चर्चा है कि शिअद से दूरी बनाए रखने की रणनीति के बीच, सिद्धू की वापसी नेतृत्व के लिए राजनीतिक रूप से लाभकारी हो सकती है.
कांग्रेस से नाखुश डॉ. नवजोत कौर सिद्धू का राहुल गांधी पर हमला और भाजपा में संभावित वापसी की अटकलें पंजाब की सियासत में नया मोड़ ला सकती हैं. यह कदम आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के समीकरणों को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है.