जालंधर, पंजाब – पंजाब को फिर से “रंगला पंजाब” बनाने और नशामुक्ति की ओर अग्रसर करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। जालंधर में आयोजित Village Defense Committee (ग्राम रक्षा समिति) के एक कार्यक्रम में उन्होंने ग्रामीणों और शहरी नागरिकों से अपील की कि वे अपने गांवों और वार्डों की रक्षा स्वयं करें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब लोग स्वयं स्थानीय निगरानी के लिए आगे आएंगे, तो चोरी, गुंडागर्दी और नशीली दवाओं की तस्करी पर अंकुश लगाना संभव हो पाएगा। उन्होंने कहा, 'अगर हर नागरिक अपने मोहल्ले या गांव का प्रहरी बन जाए, तो न अपराध पनपेगा और न ही नशा फैलेगा। यह जंग सबको मिलकर लड़नी होगी।'
भगवंत मान ने Village Defense Committees की भूमिका की सराहना की और इसे अपराध नियंत्रण और सामाजिक जागरूकता का मजबूत माध्यम बताया। उन्होंने उपस्थित लोगों को यह भी याद दिलाया कि पंजाब की धरती वीरों और क्रांतिकारियों की रही है। 'अब वक्त आ गया है कि हम अपने पूर्वजों के रंगले पंजाब को फिर से जीवित करें,' उन्होंने कहा।
कार्यक्रम में उन्होंने यह भी ऐलान किया कि राज्य सरकार गांवों में जागरूकता अभियान चलाएगी और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मुहैया कराएगी।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे ग्राम रक्षा समितियों के साथ मिलकर काम करें, जिससे सुरक्षा तंत्र और मजबूत हो। उन्होंने यह भी बताया कि गांवों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुधारने और हेल्पलाइन नंबरों को सक्रिय रखने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
पंजाब में नशे की समस्या एक गंभीर सामाजिक चुनौती बनी हुई है। सरकार की यह पहल, जहां एक ओर सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देती है, वहीं दूसरी ओर लोगों को यह एहसास दिलाती है कि राज्य की सुरक्षा सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की है।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्पष्ट था – जनभागीदारी से अपराध मुक्त और स्वाभिमानी पंजाब का निर्माण।