गर्मियों का मौसम शरीर में गर्मी बढ़ाने वाला होता है, जिससे कई प्रकार की बीमारियाँ पैदा हो सकती हैं। इस मौसम में शरीर को ठंडक और प्राकृतिक पोषण की ज़रूरत होती है। ऐसे में शहतूत (Mulberry) के पत्तों का सेवन एक प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है। खासकर, अगर आप इसे रोज़ाना खाली पेट चबाते हैं, तो इससे कई प्रकार की बीमारियों से राहत मिल सकती है।
शहतूत का पेड़ अक्सर भारत में आमतौर पर पाया जाता है और इसके फल के साथ-साथ इसके पत्ते भी बेहद लाभकारी माने जाते हैं। आयुर्वेद में शहतूत के पत्तों को मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर और पाचन से जुड़ी समस्याओं के लिए उपयोगी माना गया है।
1. डायबिटीज पर नियंत्रण:
शहतूत के पत्तों में 'DNJ' (Deoxynojirimycin) नामक एक कंपाउंड पाया जाता है जो शरीर में ग्लूकोज के अवशोषण को कम करता है। इससे ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है।
2. ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्य:
शहतूत के पत्तों में मौजूद फ्लेवोनॉयड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करते हैं और कोलेस्ट्रॉल लेवल को घटाने में सहायक होते हैं।
3. वजन घटाने में सहायक:
खाली पेट शहतूत के पत्तों का सेवन मेटाबोलिज्म को तेज करता है, जिससे फैट बर्निंग प्रक्रिया में सुधार होता है। इससे वजन घटाने में मदद मिल सकती है।
4. पाचन तंत्र को सुधारें:
इन पत्तों में डाइजेस्टिव एंजाइम्स होते हैं जो पेट की गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाते हैं।
5. त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद:
शहतूत के पत्तों में विटामिन A, C और E जैसे पोषक तत्व होते हैं जो त्वचा को निखारने और बालों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
6. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करें:
इन पत्तों में एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और संक्रमण से बचाते हैं।
कैसे करें सेवन?
रोज़ सुबह खाली पेट 4-5 शहतूत के पत्तों को अच्छे से धोकर चबा लें। यदि स्वाद कड़वा लगे तो इन्हें थोड़े शहद के साथ सेवन कर सकते हैं। इसके नियमित सेवन से 15-20 दिनों में असर दिखना शुरू हो सकता है।
सावधानी: किसी भी हर्बल उपचार को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें, खासकर यदि आप पहले से किसी दवा का सेवन कर रहे हों।