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अब नहीं झुकेगी बच्चों की कमर! चंडीगढ़ में भारी स्कूल बैग पर सख्त एक्शन, स्कूलों को चेतावनी

Chandigarh School Bag Rule: चंडीगढ़ में स्कूली बच्चों के भारी बैग को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब किसी भी छात्र का बैग उसके वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। स्कूलों को अतिरिक्त किताबें अनिवार्य करने से रोका गया है।

👤 Ashwani Kumar 28 Feb 2026 01:33 PM

चंडीगढ़ में स्कूली बच्चों के भारी बैग को लेकर आखिरकार प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। बच्चों की सेहत, खासकर रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को नई गाइडलाइन जारी की है। अब किसी भी छात्र का स्कूल बैग उसके शरीर के वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। इस फैसले का मकसद बच्चों को अनावश्यक शारीरिक दबाव से बचाना है।

सिर्फ निर्धारित किताबें ही अनिवार्य

जारी सर्कुलर में साफ कहा गया है कि स्कूल केवल स्वीकृत सिलेबस की पाठ्यपुस्तकें ही पढ़ाएंगे। अतिरिक्त गाइड, रेफरेंस बुक या वर्कबुक को अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा। विभाग ने स्कूलों को टाइमटेबल इस तरह तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि छात्रों को रोज सभी विषयों की किताबें साथ न लानी पड़ें। इससे बैग का वजन स्वतः कम होगा।

कक्षा अनुसार अलग-अलग दिशा-निर्देश

छोटी कक्षाओं के लिए विशेष रियायत दी गई है। प्री-प्राइमरी और कक्षा 1-2 के विद्यार्थियों को होमवर्क से बचाते हुए एक्टिविटी-बेस्ड लर्निंग पर जोर देने को कहा गया है। कक्षा 3 से 5 तक सीमित विषयों की किताबें रखने के निर्देश हैं। वहीं कक्षा 6 से 8 के लिए विषयवार टाइमटेबल लागू करने की बात कही गई है, ताकि रोजाना का बोझ संतुलित रहे। कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए लॉकर सुविधा उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है।

स्कूलों को कक्षाओं में शेल्फ या लॉकर की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया है, जिससे छात्रों को हर दिन भारी किताबें घर से लाने की जरूरत न पड़े।

हर स्कूल में बनेगी निगरानी समिति

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक स्कूल में प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में ‘स्कूल बैग मॉनिटरिंग कमेटी’ का गठन अनिवार्य किया गया है। यह समिति हर 15 दिन में कम से कम एक बार छात्रों के बैग का वजन जांचेगी और उसका लिखित रिकॉर्ड रखेगी। इससे नियमों के पालन पर नजर रखी जा सकेगी।

अभिभावकों की भी जिम्मेदारी

स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे अभिभावकों को इन नियमों की जानकारी दें और बच्चों के बैग में गैर-जरूरी सामग्री न भेजने की सलाह दें। सभी स्कूलों को सात दिनों के भीतर आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करनी होगी। आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह पहल बच्चों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।