पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बार फिर युवाओं को सरकारी नौकरी देकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया है. उन्होंने विभिन्न विभागों के नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और इस अवसर पर भावुक लेकिन प्रेरणादायक अंदाज़ में युवाओं को मेहनत और लगातार प्रयास करते रहने की सलाह दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नौकरी मंज़िल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है.
इस मौके पर भगवंत मान ने अपने आलोचकों को भी करारा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि विरोधी दलों के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे रोज़ सुबह उठकर उन्हें गालियां देना शुरू कर देते हैं. उन्होंने साफ किया कि जनता की सेवा और युवाओं का भविष्य ही उनका मुख्य एजेंडा है.
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पाने वाले उम्मीदवारों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा, इसे अपनी आखिरी नौकरी न समझो. पढ़ाई जारी रखो, और आगे भी मेहनत करते रहो. सरकार आपको आगे बढ़ने के लिए हरसंभव माहौल और समर्थन देगी. उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी पाने के बाद खुद को सीमित न करें बल्कि यह सोचें कि आगे क्या बेहतर किया जा सकता है.
मुख्यमंत्री ने पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने युवाओं के लिए कुछ नहीं किया, जबकि उनकी सरकार ने पहले दिन से ही भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी थी. हम अब तक 54,257 युवाओं को नौकरियां दे चुके हैं, और यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा," उन्होंने जोर देकर कहा, 12 साल से सुन रहा हूं शराबी हूं, लेकिन काम बोलता है.' अपने ऊपर लगने वाले व्यक्तिगत आरोपों पर भी मुख्यमंत्री ने खुलकर जवाब दिया.
उन्होंने कहा, मैं 2013 से राजनीति में हूं और तब से 12 साल हो गए, लेकिन विरोधी आज भी यही कहते हैं कि भगवंत मान शराबी है। हर बार वही आरोप दोहराते हैं, लेकिन मैं जनता के बीच अपने काम से जवाब देता हूं.' मुख्यमंत्री मान ने युवाओं से कहा कि बिना मेहनत के कोई कामयाब नहीं हो सकता, कभी मत सोचो कि हम कुछ नहीं कर सकते। इंसान चाहे तो सब कुछ कर सकता है। मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती.