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अमृतसर मंदिर ग्रेनेड हमला: NIA की बड़ी कार्रवाई, तीन जिलों में 10 ठिकानों पर छापेमारी

अमृतसर में हुए सनातन मंदिर ग्रेनेड हमले की जांच के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अमृतसर, तरन तारन और गुरदासपुर जिलों में 10 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

👤 Saurabh 22 Jan 2026 11:27 PM

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अमृतसर के एक मंदिर पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में जांच को और तेज कर दिया है। इसी सिलसिले में गुरुवार को एनआईए की टीमों ने पंजाब के अमृतसर, तरन तारन और गुरदासपुर जिलों में कुल 10 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई 2025 में हुए अमृतसर मंदिर ग्रेनेड हमले की जांच के तहत की गई है।

छापेमारी में क्या-क्या मिला?

एनआईए अधिकारियों ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान कई मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस और जरूरी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इन सामग्रियों को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। एजेंसी को उम्मीद है कि इन सबूतों से हमले की साजिश, आरोपियों के संपर्क और फंडिंग से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं।

कैसे हुआ था मंदिर पर हमला?

यह घटना पिछले साल 14 मार्च की है। अमृतसर के शेर शाह रोड पर स्थित खंडवाला इलाके में ठाकुर द्वारा सनातन मंदिर के बाहर अचानक विस्फोट हुआ था। इस धमाके से इलाके में दहशत फैल गई थी। हालांकि, समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया और बड़ी जनहानि टल गई।

विदेश से संचालित हो रही थी साजिश

एनआईए की जांच में सामने आया है कि यह हमला भारत के बाहर बैठे कुछ लोगों के निर्देश पर किया गया था। एजेंसी के मुताबिक, ये विदेशी संचालक भारत में लोगों को अपने नेटवर्क से जोड़ रहे थे और उन्हें मंदिरों जैसे संवेदनशील स्थानों पर ग्रेनेड हमले करने के लिए पैसे और संसाधन उपलब्ध करा रहे थे।

मुख्य आरोपी और गिरफ्तारियां

जांच के दौरान एनआईए ने पाया कि विशाल और गुरसिदक नाम के दो लोगों ने मंदिर पर ग्रेनेड फेंका था। इनमें से विशाल को एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गुरसिदक की पहले ही मौत हो चुकी है।

दोनों आरोपियों को विस्फोटक सामग्री बटाला के कादियान निवासी शरणजीत कुमार ने उपलब्ध कराई थी। शरणजीत हमले के बाद झारखंड और बिहार की ओर भाग गया था, लेकिन एनआईए ने उसे सितंबर महीने में गिरफ्तार कर लिया।

हथियार और ग्रेनेड की बरामदगी

एनआईए के अनुसार, शरणजीत को विदेशी डीलरों से ग्रेनेड और अन्य विस्फोटक सामग्री मिली थी। उसने तीन हैंड ग्रेनेड और एक पिस्तौल छिपाकर रखी थी। बाद में एनआईए ने गुरदासपुर जिले के एक स्थान से इन हथियारों को बरामद कर लिया।

जांच अभी जारी

एनआईए का कहना है कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और विदेश से पैसा व निर्देश कैसे भेजे जा रहे थे।