पंजाब में धान की बुआई का सीजन शुरू होते ही मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने किसानों की सुविधा और समय पर फसल खरीद सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने धान की खरीद व्यवस्था को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए एक उच्च स्तरीय मंत्रियों की कमेटी गठित की है, जो आज से ही काम शुरू कर रही है.
इस कमेटी का उद्देश्य किसानों, आढ़तियों, मिल मालिकों और एफसीआई के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर, खरीद प्रक्रिया को समयबद्ध और सुचारू बनाना है. कमेटी की पहली बैठक आज दोपहर 3 बजे निर्धारित की गई है, जिसमें आने वाली चुनौतियों और रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी.
इस विशेष कमेटी की कमान कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां को सौंपी गई है. उनके साथ कमेटी में सामाजिक न्याय मंत्री लाल चंद कटारूचक, खाद्य आपूर्ति मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर और वाणिज्य मंत्री बरिंदर गोयल को शामिल किया गया है। यह टीम फील्ड लेवल पर सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय बनाएगी ताकि धान की खरीद में किसी तरह की दिक्कत न आए.
पिछले वर्षों में कई बार धान खरीद को लेकर शिकायतें सामने आई थीं, जैसे देर से उठान, एफसीआई का असहयोग या मंडियों में अव्यवस्था। इसे देखते हुए सरकार ने पहले ही मोर्चा संभाल लिया है. कमेटी का मुख्य एजेंडा है:
1. सभी मंडियों में समय पर खरीद शुरू कराना
2. मिल मालिकों के साथ स्टोरेज की व्यवस्था तय करना
3. किसानों को भुगतान में देरी न हो, इसकी निगरानी
4. एफसीआई और अन्य खरीद एजेंसियों के साथ समन्वय
कमेटी का गठन इस बात का संकेत है कि सरकार धान की खरीद को लेकर कोई चूक नहीं चाहती। यह कदम किसानों के लिए राहत की खबर लेकर आया है, जो हर साल मंडियों में फसल बेचने को लेकर चिंतित रहते हैं. सरकार का कहना है कि फसल की एक-एक बोरियों की खरीद तय समय पर की जाएगी और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ दिया जाएगा.