पंजाब के मोगा जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां बुटर गांव में घर निर्माण के दौरान काम कर रहे एक युवक की हाई-वोल्टेज बिजली लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह हादसा इतना अचानक हुआ कि मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही सब कुछ खत्म हो गया।
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा उस समय हुआ जब 22 साल का युवक प्लंबिंग का काम करने के लिए छत पर चढ़ा हुआ था। युवक घर की छत पर पाइप फिट कर रहा था। इसी दौरान उसका संपर्क घर के ऊपर से गुजर रही 11,000 केवी की हाई-टेंशन बिजली लाइन से हो गया।
तेज करंट लगते ही युवक को जोरदार झटका लगा और वह संतुलन खोकर छत से नीचे गिर पड़ा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग चीखने-चिल्लाने लगे।
मृतक युवक की पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो मोगा जिले के रानियां गांव का रहने वाला था। मनप्रीत सिंह बुटर गांव में सतनाम सिंह के नए बने घर में प्लंबिंग का काम कर रहा था।
मनप्रीत के पिता अंग्रेज सिंह ने बताया कि उनका बेटा सुबह करीब 8 बजे काम के लिए घर से निकला था। उन्हें नहीं पता था कि वह कहां काम करने गया है। परिवार में दो बेटे हैं, लेकिन कमाने वाला सिर्फ मनप्रीत ही था। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में साफ दिखता है कि युवक काम करते समय अचानक बिजली की तार की चपेट में आता है और फिर नीचे गिर जाता है।
हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद मजदूरों और लोगों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया और युवक को मोगा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे के बाद घर के मालिक सतनाम सिंह ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनके घर के ऊपर से 11,000 केवी की बिजली लाइन गुजरती है और बिजली का खंभा भी काफी नीचा है।
सतनाम सिंह का कहना है कि उन्हें पहले से ही किसी बड़े हादसे का डर था। इसको लेकर उन्होंने करीब दो महीने पहले बद्धनी कलां बिजली विभाग को लिखित शिकायत भी दी थी, लेकिन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मकान मालिक ने यह भी बताया कि जब मनप्रीत सिंह उस दिन काम करने आया था, तो उसे छत पर लगी हाई-टेंशन तारों से सावधान रहने को कहा गया था। बावजूद इसके, काम के दौरान एक छोटी सी चूक हो गई, जो इस बड़े हादसे की वजह बन गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, बिजली विभाग की भूमिका और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि रिहायशी इलाकों में इतनी नीची हाई-वोल्टेज लाइनें कितनी खतरनाक हैं। थोड़ी सी लापरवाही किसी की जिंदगी छीन सकती है। फिलहाल पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।