दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में रहे आबकारी नीति मामले में बड़ा फैसला आया है। इस मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह समेत अन्य आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया है। अदालत के इस निर्णय के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।
अरविंद केजरीवाल के वकील विवेक जैन ने बताया कि अदालत ने सीबीआई द्वारा पेश किए गए सभी दस्तावेजों और सबूतों की विस्तार से जांच की। अदालत ने कहा कि प्रस्तुत साक्ष्यों में ऐसा कोई ठोस आधार नहीं मिला, जिससे आरोप तय करने की सीमा पार होती हो। न्यायालय के अनुसार, अभियोजन पक्ष आरोपों को प्रमाणित करने में सफल नहीं रहा।
विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने अपने आदेश में कहा कि आरोप पत्र में कई कमियां हैं और उन्हें पर्याप्त साक्ष्यों का सपोर्ट नहीं मिला। अदालत ने ये भी साफ किया कि इस मामले में किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सके। इसी आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
अदालत ने अपने फैसले में ये भी उल्लेख किया कि संबंधित आबकारी नीति संस्थागत सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखकर बनाई गई थी। इसलिए नीति तैयार करने की प्रक्रिया पर संदेह का कोई ठोस कारण सामने नहीं आया।
इस मामले में आम आदमी पार्टी के नेताओं के अलावा 21 अन्य आरोपियों को भी राहत मिली है। सीबीआई पूर्ववर्ती दिल्ली सरकार द्वारा लागू की गई और बाद में रद्द की जा चुकी आबकारी नीति के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही थी। आरोप था कि नीति लागू करते समय प्रक्रियात्मक कमियां रहीं और कुछ लाइसेंसधारकों को अनुचित लाभ मिला।
अदालत के निर्णय के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक दिखाई दिए। कोर्ट परिसर में वे अपनी पत्नी से गले मिले और उनकी आंखों में आंसू भी नजर आए। बरी होने के बाद उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा था। उनका कहना था कि अदालत के फैसले से ये स्पष्ट हो गया है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप टिक नहीं पाए।
साल 2020 में दिल्ली सरकार ने नई शराब नीति लाने की घोषणा की थी। मई 2020 में इस नीति का मसौदा सामने आया और 17 नवंबर 2021 से इसे लागू किया गया। बाद में इस नीति को रद्द कर दिया गया। जांच एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि नीति लागू करने में कुछ नियमों का पालन ठीक से नहीं हुआ और कुछ निजी पक्षों को लाभ पहुंचाया गया।
अब अदालत के फैसले के बाद ये मामला कानूनी रूप से एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। इस निर्णय का राजनीतिक असर आने वाले समय में भी देखने को मिल सकता है। दिल्ली आबकारी नीति मामले में अदालत ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह समेत सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आरोप साबित नहीं हुए।