महेंद्र सिंह धोनी को वनडे और टी20 फॉर्मेट का मास्टर माना जाता है, लेकिन उनका टेस्ट करियर भी कमाल का रहा है. साल 2005 में श्रीलंका के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले धोनी ने 2014 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा. लगभग 9 साल के करियर में उन्होंने टीम इंडिया को विदेशों में बड़ी जीत दिलाई, भारत को नंबर 1 टेस्ट टीम बनाया और विकेटकीपिंग में नए रिकॉर्ड कायम किए. आइए जानें उनके टेस्ट करियर की बारीकियों को लिस्टिकल अंदाज में-
डेब्यू- 2 दिसंबर 2005, बनाम श्रीलंका (चेन्नई) आखिरी टेस्ट: 26 दिसंबर 2014, बनाम ऑस्ट्रेलिया (मेलबर्न)
मैच खेले- 90
रन बनाए- 4876
औसत- 38.09
सर्वश्रेष्ठ स्कोर- 224 (बनाम ऑस्ट्रेलिया, 2013)
सेंचुरी/हाफ सेंचुरी- 6/33
कैच- 256
स्टंपिंग- 38
1. टेस्ट में धोनी की कप्तानी- रिकॉर्ड सुनहरा
कप्तान के तौर पर मैच- 60
जीत- 27
हार- 18
ड्रा- 15
धोनी की कप्तानी में भारत 2009 में पहली बार ICC टेस्ट रैंकिंग में नंबर 1 बना.
2. धोनी का बेस्ट इनिंग्स – 224 रन बनाम ऑस्ट्रेलिया (2013, चेन्नई) एक भारतीय विकेटकीपर द्वारा सबसे बड़ा स्कोर. इस इनिंग ने भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज़ जीत दिलाई।
3. विकेट के पीछे के मास्टर – कैच और स्टंपिंग धोनी ने 90 टेस्ट में 294 डिसमिसल किए (256 कैच, 38 स्टंपिंग).
भारतीय विकेटकीपरों में सबसे ज्यादा स्टंपिंग का रिकॉर्ड उनके नाम.
4. विदेशी धरती पर धोनी की कप्तानी
धोनी ने विदेशों में भारत को न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड में टेस्ट जीत दिलाई. हालांकि, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में 2011-12 के सीजन में भारत की हारें भी रहीं.
5. टेस्ट क्रिकेट से धोनी का अचानक संन्यास,
धोनी ने मेलबर्न टेस्ट के बाद अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी. न्होंने विराट कोहली को कप्तानी सौंपी और सीमित ओवरों में खेलने पर फोकस किया.