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World Hypertension Day: 17 मई को क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे, क्या है इसके पीछे की वजह?

World Hypertension Day: हाई ब्लड प्रेशर एक साइलेंट किलर है, जो बिना लक्षण दिखाए दिल, दिमाग और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। 17 मई को मनाया जाने वाला वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे हमें याद दिलाता है कि वक्त रहते जागना जरूरी है. जानिए इसके कारण, लक्षण और बचाव के आ

👤 Sanskriti 17 May 2025 08:10 AM

World Hypertension Day: हाइपरटेंशन को आम बोलचाल में हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है. ये तब होता है जब आपके दिल से खून शरीर में पंप होने के दौरान धमनियों (ब्लड वेसल्स) पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है. अगर ये दबाव लंबे समय तक बना रहे, तो दिल, किडनी, आंखों और दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है.

अक्सर शुरुआत में इसके लक्षण नजर नहीं आते, इसलिए इसे 'साइलेंट किलर' कहा जाता है- यानी बिना शोर के शरीर को धीरे-धीरे बीमार बनाता है.

 क्यों मनाते हैं वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे?

हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है. इसका मकसद लोगों को ये समझाना है कि हाई ब्लड प्रेशर कितना खतरनाक हो सकता है अगर समय रहते इसे कंट्रोल न किया जाए.

इस दिन कई जगह हेल्थ कैंप लगते हैं, फ्री बीपी चेकअप होता है और लोगों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया और सेमिनार का सहारा लिया जाता है. ये दिन हमें ये याद दिलाता है कि अपनी सेहत को हल्के में नहीं लेना चाहिए.

 हाइपरटेंशन होने की वजहें

हाई ब्लड प्रेशर के दो प्रकार होते हैं:

प्राइमरी हाइपरटेंशन – जिसका कोई साफ कारण नहीं होता, ये धीरे-धीरे बढ़ता है.

सेकेंडरी हाइपरटेंशन – जो किसी बीमारी, दवा या हार्मोनल बदलाव की वजह से होता है.

इसके बढ़ने की आम वजहें हैं:

ज्यादा नमक खाना, मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी, धूम्रपान और शराब और स्ट्रेस और नींद की कमी.

कोलेस्ट्रॉल और हाई बीपी 

अगर शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ जाता है, तो वो धमनियों में जमा होकर उन्हें संकरा और सख्त बना देता है. इससे दिल को खून पंप करने में ज्यादा जोर लगाना पड़ता है और ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है.

इसलिए कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करना बहुत जरूरी है, ताकि हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी की बीमारियों से बचा जा सके.

 क्या करें ताकि बीपी कंट्रोल में रहें?

ओमेगा-3 फैटी एसिड वाली चीजें जैसे मछली, अलसी, अखरोट खाएं. हरी सब्जियां, फल और फाइबर से भरपूर फूड को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं. घी, तले-भुने और पैकेट वाले प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं.

हर दिन कम से कम 30 मिनट चलना, साइकिल चलाना, योग या स्विमिंग जैसी कोई भी फिजिकल एक्टिविटी करें. इससे शरीर में अच्छा कोलेस्ट्रॉल (HDL) बढ़ता है और खराब वाला (LDL) घटता है.

तनाव हाई बीपी की सबसे आम वजह है. दिन में थोड़ा समय मेडिटेशन, म्यूजिक या अपने शौक के लिए निकालें. नींद पूरी करें और दिनचर्या को बैलेंस रखें.

धूम्रपान और शराब दोनों बीपी और कोलेस्ट्रॉल के दुश्मन हैं. अगर आप इन्हें छोड़ देते हैं, तो आपकी हेल्थ तेजी से सुधर सकती है.

अगर लाइफस्टाइल बदलने के बाद भी बीपी या कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में नहीं आता, तो डॉक्टर की सलाह लें और जरूरत हो तो दवा शुरू करें. लेकिन साथ में हेल्दी आदतें बनाए रखना जरूरी है.

आज सुधरेंगे, तो कल सेफ रहेगा

हाई ब्लड प्रेशर कोई छोटी बीमारी नहीं है. इसे नजरअंदाज करना बहुत भारी पड़ सकता है. वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे हमें यही याद दिलाता है कि सेहत से बड़ा कुछ नहीं है. तो चलिए, आज से ही हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाते हैं, ताकि दिल, दिमाग और पूरी बॉडी लंबे समय तक हेल्दी रहे.